Edited By Radhika,Updated: 09 Feb, 2026 05:15 PM

खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए साल 2026 की शुरुआत एक अद्भुत नजारे के साथ होने जा रही है। 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्यग्रहण लगेगा। यह एक 'वलयाकार' (Annular) सूर्यग्रहण होगा, जिसे दुनिया भर में Ring of Fire के नाम से भी जाना जाता है।
Solar Eclipse: खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए साल 2026 की शुरुआत एक अद्भुत नजारे के साथ होने जा रही है। 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्यग्रहण लगेगा। यह एक 'वलयाकार' (Annular) सूर्यग्रहण होगा, जिसे दुनिया भर में Ring of Fire के नाम से भी जाना जाता है।
क्या है 'Ring of Fire'?
यह नजारा तब बनता है जब चंद्रमा पृथ्वी से काफी दूर होता है, जिसके कारण वह सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता। नतीजा यह होता है कि चंद्रमा के चारों ओर सूर्य की बाहरी परत एक चमकती हुई सुनहरी अंगूठी (Ring) की तरह नजर आती है।
कहां-कहां दिखेगा यह नजारा?
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के अनुसार, यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका के बर्फीले इलाकों के ऊपर से गुजरेगा।
- अंटार्कटिका: यहाँ 'रिंग ऑफ फायर' का पूर्ण नजारा दिखेगा।
- आंशिक दर्शन: दक्षिण अमेरिका (चिली और अर्जेंटीना के दक्षिणी हिस्से) और दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में लोग आंशिक सूर्यग्रहण देख पाएंगे।

भारत में दिखेगा या नहीं?
17 फरवरी को लगने वाला सूर्यग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। चूँकि यह ग्रहण दक्षिणी गोलार्ध (Southern Hemisphere) में लग रहा है, इसलिए भारत में यह सूर्यग्रहण बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। यही वजह है कि भारत में इस ग्रहण का कोई धार्मिक सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
विशेषज्ञ की चेतावनी:
अगर आप किसी ऐसे क्षेत्र में हैं जहाँ ग्रहण दिख रहा है, तो कभी भी नंगी आँखों से सूर्य को न देखें। हमेशा प्रमाणित सोलर फिल्टर या ग्रहण वाले विशेष चश्मों का ही उपयोग करें।