Edited By Rohini Oberoi,Updated: 30 Jan, 2026 02:19 PM

अपना खुद का घर होना हर भारतीय का सपना होता है लेकिन जमीन की आसमान छूती कीमतें और घर बनाने की लंबी व थकाऊ प्रक्रिया (ईंट, सीमेंट, लेबर का चक्कर) अक्सर इस सपने को अधूरा छोड़ देती हैं लेकिन अब तकनीक ने इसका एक जादुई समाधान निकाल लिया है। विदेशों की...
Mobile home arrives in India : अपना खुद का घर होना हर भारतीय का सपना होता है लेकिन जमीन की आसमान छूती कीमतें और घर बनाने की लंबी व थकाऊ प्रक्रिया (ईंट, सीमेंट, लेबर का चक्कर) अक्सर इस सपने को अधूरा छोड़ देती हैं लेकिन अब तकनीक ने इसका एक जादुई समाधान निकाल लिया है। विदेशों की तर्ज पर अब भारत में भी फोल्डेबल होम्स (Foldable Houses) का दौर शुरू हो गया है। इसे आप एक चलता-फिरता घर कह सकते हैं जो न सिर्फ बजट में है बल्कि पलक झपकते ही तैयार भी हो जाता है।
क्या है फोल्डेबल हाउस तकनीक?
फोल्डेबल हाउस का मतलब है ऐसा घर जिसे फैक्ट्री में तैयार किया जाता है और फिर उसे फोल्ड करके ट्रक के जरिए आपकी लोकेशन पर पहुंचा दिया जाता है। भारत का स्टार्टअप Uprear Build इस क्षेत्र में क्रांति ला रहा है। कंपनी का दावा है कि वे महज 4 घंटे के भीतर आपका घर इंस्टॉल करके दे सकते हैं। बिना ईंट और सीमेंट के बनने के बावजूद ये घर पूरी तरह सुरक्षित और टिकाऊ होते हैं। इन्हें आप जरूरत पड़ने पर एक जगह से दूसरी जगह भी शिफ्ट कर सकते हैं।

भारत में क्या होगी इसकी कीमत?
भारत में इन घरों को आम आदमी की जेब को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। एक बेसिक मॉडल की कीमत 5 लाख से 15 लाख रुपये के बीच हो सकती है। घर का साइज (Square Feet), इस्तेमाल किया गया मटेरियल और अंदर का इंटीरियर (कस्टमाइजेशन) इसकी फाइनल कीमत तय करता है।

दुनिया भर में फोल्डेबल घरों का बाजार
विदेशों में यह तकनीक काफी समय से लोकप्रिय है लेकिन वहां कीमतें काफी अधिक हैं:
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| देश/कंपनी |
मॉडल का नाम |
अनुमानित कीमत (भारतीय रुपये में) |
| अमेरिका (Boxabl) |
Casita (एलन मस्क द्वारा प्रमोटेड) |
₹42 लाख से ₹50 लाख |
| यूरोप |
लग्जरी फोल्डेबल होम्स |
₹70 लाख से ₹1.3 करोड़ |
| चीन |
बेसिक फोल्डेबल यूनिट्स |
₹8 लाख से शुरू |

इस घर के सबसे बड़े फायदे
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समय की बचत: जहां साधारण घर बनाने में महीनों लगते हैं वहीं यह कुछ घंटों में तैयार हो जाता है।
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पोर्टेबिलिटी: अगर आप शहर या जगह बदल रहे हैं तो अपना घर भी साथ ले जा सकते हैं।
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कम बजट: जमीन खरीदने के बाद घर निर्माण की लागत पारंपरिक तरीके से काफी कम पड़ती है।
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डिजास्टर मैनेजमेंट: ये घर भूकंप जैसे झटकों को झेलने के लिए अधिक लचीले होते हैं।