Edited By Mehak,Updated: 12 Jan, 2026 03:49 PM

राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वरिष्ठ आदिवासी नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने भाजपा छोड़कर दोबारा कांग्रेस का दामन थाम लिया। उनकी वापसी पर भाजपा मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसे व्यक्तिगत फैसला बताया। मालवीया ने कहा कि भाजपा में...
नेशनल डेस्क : राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वागड़ क्षेत्र के वरिष्ठ आदिवासी नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने भाजपा छोड़कर एक बार फिर कांग्रेस में लौटने का ऐलान किया है। इससे राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। मालवीया इससे पहले कांग्रेस के टिकट पर एक बार सांसद, चार बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने करीब दो साल पहले कांग्रेस और विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन की थी।
कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात के बाद वापसी
रविवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से मुलाकात के बाद महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने कांग्रेस में वापसी की घोषणा की। प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मालवीया ने भाजपा में जाना अपनी ऐतिहासिक भूल बताया है।
भाजपा मंत्री का बयान
मालवीया के कांग्रेस में लौटने पर राजस्थान सरकार के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से उनका व्यक्तिगत फैसला है और इस पर किसी को निजी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि पहले कांग्रेस में उनका दम घुट रहा था, तभी वे भाजपा में आए थे। अब अगर उन्हें भाजपा में परेशानी महसूस हो रही है तो वे कांग्रेस में जाकर सुकून महसूस करेंगे।
पुराने रिश्तों का असर
झाबर सिंह खर्रा ने यह भी कहा कि संभव है कि पुराने साथियों से मुलाकात के बाद उन्हें पुरानी यादें ताजा हो गई हों और इसी कारण वे अपने पुराने राजनीतिक घर में लौट गए हों। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ज्यादा प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। मंत्री खर्रा यह बयान भीलवाड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में दे रहे थे।
आलाकमान करेगा फैसला
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि मालवीया की वापसी को लेकर अनुशासन समिति में चर्चा होगी और इसकी रिपोर्ट पार्टी आलाकमान को भेजी जाएगी। अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।
जनता के काम नहीं हो पा रहे थे
महेन्द्रजीत सिंह मालवीया ने कांग्रेस में वापसी की वजह बताते हुए कहा कि भाजपा की सरकार होने के बावजूद वे जनता के काम नहीं करवा पा रहे थे। उन्होंने डबल इंजन सरकार के भरोसे भाजपा जॉइन की थी, लेकिन वहां परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं। कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से विचार-विमर्श के बाद उन्होंने कांग्रेस में लौटने का फैसला किया।