Trump’s Aspirin addiction: 325 मिलीग्राम एस्पिरिन की डोज़ से अनबैलेंस हुए ट्रंप, डॉक्टरों ने दी ये बड़ी चेतावनी!

Edited By Updated: 10 Jan, 2026 06:12 PM

trump ignores medical advice continues heavy aspirin dose

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने आक्रामक और कभी-कभी अजीब लगने वाले व्यवहार के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में एक अमेरिकी अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप पिछले काफी समय से खून पतला करने के लिए एस्पिरिन का सेवन कर रहा है। जिसका...

Donald Trump & Aspirin Overdose: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने आक्रामक और कभी-कभी अजीब लगने वाले व्यवहार के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में एक अमेरिकी अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप पिछले काफी समय से खून पतला करने के लिए एस्पिरिन का सेवन कर रहा है। जिसका सीधा असर उनके मानसिक संतुलन और व्यवहार पर पड़ सकता है।

रोजाना 325 मिलीग्राम एस्पिरिन ले रहे हैं ट्रंप

ऐसी जानकारी सामने आई है कि 79 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप को उनकी मेडिकल टीम ने बार-बार दवा की मात्रा कम करने की सलाह दी है, लेकिन उन्होंने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया। ट्रंप फिलहाल रोजाना 325 मिलीग्राम एस्पिरिन ले रहे हैं, जो सामान्य मेडिकल गाइडलाइंस द्वारा सुझाई गई मात्रा से लगभग चार गुना अधिक है। ट्रंप का तर्क है कि वह अपने दिल में गाढ़ा खून नहीं चाहते, इसलिए वे यह डोज ले रहे हैं।

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बर्ताव पर कैसे पड़ता है असर?

विशेषज्ञों और शोध के अनुसार एस्पिरिन का अत्यधिक सेवन केवल शरीर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी गहरा असर डालता है। इसके 'ओवरडोज' से होने से मन का अशांत रहता है और छोटी बातों व्यक्ति जल्दी ही उत्तेजित हो जाता है। इसके अलावा निर्णय लेने में अस्पष्टता होती और नर्वस महसूस करता है। वहीं बुजुर्गों में लंबे समय तक इसके सेवन से डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप का बार-बार अपनी बातों से पलटना, अन्य राष्ट्राध्यक्षों का मजाक उड़ाना और चेहरे के अजीब हाव-भाव, इसी मेडिकल कंडीशन का नतीजा हो सकते हैं।

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ओवरडोज़ के खतरे

पिछले साल पता चला था कि ट्रंप 'क्रॉनिक वीनस इनसफिशिएंसी' (Chronic Venous Insufficiency) से जूझ रहे हैं, जिसमें नसों को खून वापस दिल तक पहुंचाने में दिक्कत होती है। हालांकि व्हाइट हाउस के मेमो में उनकी कार्डियोवैस्कुलर रिपोर्ट को नॉर्मल बताया गया है, लेकिन एस्पिरिन का एंटी-क्लॉटिंग गुण 'इंटरनल ब्लीडिंग' या 'ब्रेन हेमरेज' जैसे जानलेवा खतरे को बढ़ा देता है।

विशेषज्ञों की राय

मेडिकल गाइडलाइंस के अनुसार 60 से 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को नियमित रूप से एस्पिरिन लेने की सलाह तभी दी जाती है जब उन्हें पहले कभी हार्ट अटैक या स्ट्रोक आया हो। बिना किसी बीमारी के इतिहास के इसका सेवन फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।

 

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