सरस्वती पूजा पर बुर्का पहनकर दो युवकों ने अश्लील गानों पर किया डांस, पुलिस ने लिया एक्शन

Edited By Updated: 06 Feb, 2025 05:24 AM

two youths wearing burqa danced on obscene songs on saraswati puja

बिहार के बेगूसराय जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र में सरस्वती पूजा के दौरान दो युवकों द्वारा बुर्का पहनकर अश्लील भोजपुरी गानों पर डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो में दोनों युवक भोजपुरी गानों की धुन पर नाचते हुए दिखाई...

नेशनल डेस्कः बिहार के बेगूसराय जिले के फुलवरिया थाना क्षेत्र में सरस्वती पूजा के दौरान दो युवकों द्वारा बुर्का पहनकर अश्लील भोजपुरी गानों पर डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो में दोनों युवक भोजपुरी गानों की धुन पर नाचते हुए दिखाई दे रहे थे, जो बाद में विवाद का कारण बना। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, सरस्वती पूजा आयोजन समिति के खिलाफ भी विधि सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

यह घटना फुलवरिया थाना क्षेत्र के धोबी टोला वार्ड-20 में स्थित एक पूजा पंडाल की है, जहां सरस्वती पूजा के अवसर पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया था। मंगलवार की रात यह घटना घटी, जब दो युवकों ने बुर्का पहनकर भोजपुरी गाने पर नृत्य किया। स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे मामला तूल पकड़ने लगा। फुलवरिया थाना पुलिस को घटना की जानकारी मिलते ही, वरीय अधिकारियों को सूचित कर तुरंत जांच शुरू कर दी। स्थानीय लोगों और पूजा आयोजकों से पूछताछ के बाद यह पुष्टि हुई कि आयोजन के दौरान दोनों युवकों ने बुर्का पहनकर अश्लील गानों पर डांस किया था।

बेगूसराय के डीएसपी मुख्यालय रमेश प्रसाद सिंह ने बताया कि दोनों युवकों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। उनके खिलाफ बाउंड डाउन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पूजा आयोजन समिति के लाइसेंसधारी के खिलाफ भी निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद अपनी सतर्कता बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की अशांति या सांप्रदायिक तनाव पैदा न हो। अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार की गतिविधियों का होना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह समाज में गलत संदेश भी देता है। आयोजकों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे भविष्य में किसी भी कार्यक्रम में इस प्रकार की गतिविधियों को रोके और सुनिश्चित करें कि धार्मिक आयोजनों का पालन सही तरीके से किया जाए।

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