Edited By Radhika,Updated: 27 Jan, 2026 12:20 PM

उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नए UGC नियमों के खिलाफ विरोध की आग अब सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गई है। इस मुद्दे पर मशहूर कवि कुमार विश्वास ने अपना बयान दिया है। कुमार ने कहा कि "मैं अभागा सवर्ण हूं..." इसी के साथ उन्होंने सोशल...
नेशनल डेस्क: उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नए UGC नियमों के खिलाफ विरोध की आग अब सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों तक पहुंच गई है। इस मुद्दे पर मशहूर कवि कुमार विश्वास ने अपना बयान दिया है। कुमार ने कहा कि "मैं अभागा सवर्ण हूं..." इसी के साथ उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर दिवंगत कवि रमेश रंजन मिश्रा की पंक्तियां साझा करते हुए लिखा: "चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा सवर्ण हूं मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।"
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नए नियमों को वापिस लेने की मांग की
विश्वास ने अपनी पोस्ट के साथ #UGCRollBack का इस्तेमाल कर इन नियमों को वापस लेने की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने हाल ही में शंकराचार्य विवाद पर भी अपनी राय रखी थी, जहां उन्होंने भाषाई मर्यादा और श्रद्धा की बात कही थी।

सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पर गिरी गाज
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। अग्निहोत्री ने न केवल इन नियमों के विरोध में इस्तीफा दिया था, बल्कि सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए ब्राह्मण समुदाय के नेताओं से भी इस्तीफा देने की अपील की थी।
क्या है विवाद की असली वजह?
UGC ने 13 जनवरी 2026 को नए नियम जारी किए थे, जिसका मकसद कैंपस में SC, ST और OBC छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव को रोकना है। विरोध करने वालों का कहना है कि ये नियम एकतरफा हैं और इनसे सामान्य श्रेणी (General Category) के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ झूठी शिकायतों का खतरा बढ़ जाएगा।