ट्रंप का वेनेजुएला को सख्त फरमान ! भारत के खास दोस्त सहित इन देशों से तोड़ो हर रिश्ता, कहा- तेल पर सिर्फ अमेरिका का अधिकार

Edited By Updated: 07 Jan, 2026 02:36 PM

us asked venezuela to sever ties with these four countries

अमेरिका ने वेनेजुएला पर नया दबाव बनाते हुए उसे चीन, रूस, ईरान और क्यूबा से संबंध तोड़ने को कहा है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बढ़े तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन तेल उत्पादन और बिक्री को अमेरिका से विशेष रूप से जोड़ना चाहता है।

Washingon: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंचता दिख रहा है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी विशेष बलों द्वारा गिरफ्तारी और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाए जाने के बाद अब अमेरिका ने वेनेजुएला को एक और सख्त फरमान जारी किया है। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वेनेजुएला को चीन, रूस, ईरान और क्यूबा के साथ अपने संबंध कम करने होंगे, तभी उसे तेल उत्पादन बढ़ाने की अनुमति मिलेगी। एबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को निर्देश दिए हैं कि उनका देश तेल उत्पादन और भारी कच्चे तेल की बिक्री में केवल अमेरिका को प्राथमिकता दे।

 

रिपोर्ट में तीन अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला भारत के खास दोस्त सहित इन चार देशों के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक रिश्ते पूरी तरह समाप्त करे। इन चार देशों में रूस भी शामिल है, जो भारत का करीबी मित्र माना जाता है। अमेरिका की यह मांग ऐसे समय में आई है जब वेनेजुएला दशकों से चीन, रूस, ईरान और क्यूबा पर आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा सहायता के लिए निर्भर रहा है। खासतौर पर ह्यूगो शावेज और बाद में निकोलस मादुरो के शासनकाल में इन देशों की भूमिका निर्णायक रही है। ऐसे में इन रिश्तों को तोड़ना वेनेजुएला की विदेश नीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला को अधिक तेल उत्पादन की अनुमति तभी मिलेगी जब वह इन शर्तों को माने। हालांकि, वाइट हाउस ने इस रिपोर्ट पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मंगलवार शाम ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि वेनेजुएला अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल की आपूर्ति करेगा, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 2.8 अरब डॉलर आंकी जा रही है।

 

उन्होंने कहा कि यह तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और इससे होने वाली आय दोनों देशों के हित में इस्तेमाल की जाएगी। ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि प्रशासन अगले सप्ताह अमेरिकी तेल कंपनियों के साथ वेनेजुएला में निवेश को लेकर चर्चा करेगा। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने यह दावा किया है कि अमेरिका वेनेजुएला पर कब्जा नहीं करना चाहता, लेकिन ट्रंप कई बार यह संकेत दे चुके हैं कि वे देश के भविष्य को दिशा देने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे, खासकर तेल राजस्व के माध्यम से। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम न केवल वेनेजुएला की राजनीति बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकता है, क्योंकि वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों वाला देश है।

  

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