Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 Jun, 2026 03:49 PM
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले 107 दिनों में Middle East में हुए हमलों और सैन्य कार्रवाइयों में कम से कम 13 भारतीयों की जान जा चुकी है। इनमें समुद्री हमले, ड्रोन...
US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले 107 दिनों में Middle East में हुए हमलों और सैन्य कार्रवाइयों में कम से कम 13 भारतीयों की जान जा चुकी है। इनमें समुद्री हमले, ड्रोन स्ट्राइक, मिसाइल अटैक और तेल टैंकरों पर की गई सैन्य कार्रवाई शामिल हैं।
ताजा हमले की बात करें तो Strait of Hormuz और उसके आस-पास के समुद्री इलाकों में मात्र 4 दिनों के भीतर अमेरिका ने तीन बड़े तेल टैंकरों (Oil Tankers) को अपना निशाना बनाया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन तीनों जहाजों पर भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे।
इस गंभीर मुद्दे पर भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरा विरोध जताते हुए दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के टाॅप राजनयिक को तलब किया और अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
ताजा अमेरिकी हमले: 4 दिनों में 3 जहाजों पर बमबारी
एमटी सेट्टेबेलो (10 जून): ओमान की खाड़ी में पलाऊ देश के झंडे वाले इस कच्चे तेल के टैंकर पर अमेरिकी सेना ने भीषण हमला किया। इस जहाज को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की एक कंपनी चला रही थी और इस पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। अमेरिकी बमबारी में तीन भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई।
एमटी मारिवेक्स (8 जून): अमेरिकी विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' से उड़े एक लड़ाकू विमान ने इस जहाज के इंजन रूम पर मिसाइल दागी। हमले से जहाज में बड़ा छेद हो गया और आग लग गई। खुशकिस्मती से इस पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
एमटी जलवीर (11 जून): अमेरिकी फाइटर जेट्स ने इस तेल टैंकर पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं। इस जहाज पर 20 भारतीय सवार थे, जिन्हें ओमान की नौसेना की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया।
US-Iran Conflict में अब तक 13 भारतीयों की मौत
28 फरवरी को पश्चिम एशिया में शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से खाड़ी देशों और समुद्र में अब तक कम से कम 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि इनमें से 7 घटनाएं सीधे तौर पर ईरानी हमलों से जुड़ी हैं, जबकि बाकी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और संदिग्ध हमलों का नतीजा हैं।
कब और कहां भारतीयों ने गंवाई अपनी जान
1 मार्च (MKD Vyom पर हमला): नीदरलैंड से सऊदी अरब जा रहे इस टैंकर पर ओमान के तट के पास एक सुसाइड बोट से हमला किया गया। जहाज पर 16 भारतीय थे, जिनमें से मुंबई के रहने वाले 33 वर्षीय एक नाविक की मौत हो गई।
1 मार्च (MT Skylight): ओमान के पास ही इस दूसरे टैंकर को निशाना बनाया गया। यह जहाज ईरानी तेल ले जाने के कारण अमेरिकी प्रतिबंधों की रडार पर था। इसमें कैप्टन आशीष कुमार और क्रू मेंबर दिलीप सिंह की मौत हो गई।
11 मार्च (MT Safesi Vishnu): इराक के बसरा के पास फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में अमेरिकी टैंकर पर हमला हुआ। इसमें मुंबई के रहने वाले चीफ इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह की जान चली गई।
13 मार्च (Drone attack in Oman): ओमान के सोहार शहर में ईरानी ड्रोन हमले की चपेट में आने से वहां मजदूरी कर रहे दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए।
18 मार्च (Missile attack on Saudi Arabia): ईरान द्वारा सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर दागी गई मिसाइलों की चपेट में आने से एक भारतीय नागरिक मारा गया।
26 मार्च (UAE में हमला): संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई।
29 मार्च और 3 जून (Kuwait में तबाही): कुवैत पर हुए ईरानी हमलों में दो भारतीयों की मौत हुई। 29 मार्च को तमिलनाडु के संथानसेल्वम कृष्णन (37) और 3 जून को कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले मंजूर अहमद (55) ने अपनी जान गंवा दी।
कमर्शियल जहाज निशाने ?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे Busy Maritime trade routes में से एक है, जहां से Global oil supply का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण दोनों देश एक-दूसरे को आर्थिक और रणनीतिक चोट पहुंचाने के लिए इन Commercial Vessels को निशाना बना रहे हैं। Global Merchant Navy में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं, जिसके कारण इस अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का खामियाजा निर्दोष भारतीयों को भुगतना पड़ रहा है।