Edited By Monika,Updated: 25 Jan, 2026 03:45 PM

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर नागरिकों से विवेकपूर्ण और निष्पक्ष मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मताधिकार का उपयोग प्रलोभन, पूर्वाग्रह और गलत सूचना से दूर रहकर होना चाहिए, ताकि चुनावी प्रणाली मजबूत बने। राष्ट्रपति ने...
नेशनल डेस्क : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारतीय लोग अपने विवेक के आधार पर और प्रलोभन, पूर्वाग्रह तथा गलत सूचनाओं से दूर रहकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे, जिससे देश की चुनावी प्रणाली मजबूत होगी। उन्होंने चुनाव में बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए आगे आने वाली महिलाओं की भी सराहना की।
दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा कि मतदान का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी अनिवार्य है कि सभी नागरिक अपने संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए इसका इस्तेमाल करें। निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस को पिछले 16 वर्षों से राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है।

संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को जब भारतीय संविधान को अपनाया तो इसके 16 अनुच्छेद तुरंत प्रभाव से लागू हो गए। इनमें से एक अनुच्छेद निर्वाचन आयोग के गठन से संबंधित था। भारत के गणतंत्र बनने से एक दिन पहले 25 जनवरी 1950 को निर्वाचन आयोग अस्तित्व में आया। संविधान का शेष भाग 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।