Edited By Parveen Kumar,Updated: 12 Jan, 2026 11:22 PM

साल 2026 की शुरुआत होते ही डर और अनिश्चितता से भरी भविष्यवाणियों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। वायरल मीम्स में ‘सब खत्म, टाटा, बाय-बाय’ जैसे संदेश लिखे जा रहे हैं। इन मीम्स के पीछे केवल मज़ाक नहीं, बल्कि बाबा वेंगा समेत दुनिया के कई...
नेशनल डेस्क: साल 2026 की शुरुआत होते ही डर और अनिश्चितता से भरी भविष्यवाणियों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। वायरल मीम्स में ‘सब खत्म, टाटा, बाय-बाय’ जैसे संदेश लिखे जा रहे हैं। इन मीम्स के पीछे केवल मज़ाक नहीं, बल्कि बाबा वेंगा समेत दुनिया के कई भविष्यवक्ताओं की उन चेतावनियों का असर बताया जा रहा है, जिनमें 2026 को युद्ध और विनाश का साल कहा गया है।
सोशल मीडिया पर कुछ लोग मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जता रहे हैं। कहीं भीषण प्राकृतिक आपदाओं की बातें हो रही हैं, तो कहीं पृथ्वी के वायुमंडल में किसी रहस्यमय अंतरिक्ष यान के प्रवेश जैसी भविष्यवाणियां सामने आ रही हैं। इन सबने लोगों की चिंता और बेचैनी को और बढ़ा दिया है।
2026 में दुनिया खत्म होने की चर्चा क्यों तेज हुई?
असल में, साल 2026 में प्रलय की चर्चाओं के पीछे कोई ठोस या विश्वसनीय वैज्ञानिक स्रोत नहीं है। यह डर पुरानी भविष्यवाणियों, विज्ञान की गलत व्याख्या और मौजूदा वैश्विक तनावों के कारण पैदा हो रहा है। अमेरिका का कई देशों के साथ सख्त रुख, रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व और दक्षिण चीन सागर जैसे संवेदनशील इलाके- ये सभी हालात लोगों की सामूहिक चिंता को और गहरा कर रहे हैं।
बाबा वेंगा और 2026 से जुड़ा भय
साल 1996 में निधन के बावजूद बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां आज भी डर को हवा देती हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट, द मिरर और एक्सप्रेस जैसे अखबारों में छपी उनकी कथित भविष्यवाणियों को उनके अनुयायी 2026 की घटनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, ‘द इकोनॉमिस्ट’ की रिपोर्ट द वर्ल्ड अहेड 2026 में भी युद्ध, वैश्विक अशांति और आर्थिक संकट से भरे साल की तस्वीर पेश की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
युद्ध, आपदाएं और एलियन- क्या कहती हैं भविष्यवाणियां?
इन भविष्यवाणियों में तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत, अमेरिका, रूस, चीन और यूरोप के बीच बड़े टकराव, विनाशकारी भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट, बाढ़, तूफान और तेज़ी से बदलते मौसम का जिक्र है। कुछ दावे तो नवंबर 2026 में पृथ्वी के वायुमंडल में एक विशाल एलियन जहाज के प्रवेश और मानव सभ्यता के पहले संपर्क तक की बात करते हैं।
दुनिया भर के भविष्यवक्ताओं की चेतावनियां
पाकिस्तानी आध्यात्मिक गुरु रियाज अहमद गोहर शाही ने 2026 में पृथ्वी से धूमकेतु के टकराने की बात कही थी। ब्राजील के एथोस सेलोम ने वैश्विक युद्ध, साइबर संघर्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को लेकर चेतावनी दी थी। वहीं घाना के एबो नूह की बाढ़ की भविष्यवाणी नाकाम रही और विवादों में बदल गई।
क्या सच में 2026 में होगा दुनिया का अंत
खुद बाबा वेंगा के अनुसार दुनिया का अंत 5079 में होगा। उन्होंने 2025 से मानव सभ्यता के पतन की शुरुआत की बात कही थी, लेकिन उनकी भविष्यवाणियों का कोई लिखित या आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। ज्यादातर दावे मौखिक रूप से फैलते गए और सोशल मीडिया के जरिए सनसनी बन गए।
सोशल मीडिया पर प्रलय की भविष्यवाणियां क्यों होती हैं वायरल?
दरअसल, डर और अनिश्चितता से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती है। ऐसे पोस्ट्स पर ज्यादा लाइक, शेयर और कमेंट आते हैं, जिससे प्लेटफॉर्म के एल्गोरिदम इन्हें और बढ़ावा देते हैं। यही वजह है कि 2026 को लेकर प्रलय की बातें बार-बार सामने आ रही हैं।