ऐसा क्या हुआ जिससे Gold और Silver हुआ सस्ता? ट्रंप का है खास कनेक्शन

Edited By Updated: 22 Jan, 2026 12:37 PM

what caused gold and silver to become cheaper

कुछ दिन पहले तक सोना और चांदी निवेशकों के सबसे भरोसेमंद साथी बने हुए थे। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे भाव, सुरक्षित निवेश की तलाश और वैश्विक तनाव के बीच गोल्ड-सिल्वर ETF में जमकर पैसा आया लेकिन 22 जनवरी को हालात अचानक बदल गए। अमेरिका के राष्ट्रपति...

नई दिल्ली : कुछ दिन पहले तक सोना और चांदी निवेशकों के सबसे भरोसेमंद साथी बने हुए थे। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे भाव, सुरक्षित निवेश की तलाश और वैश्विक तनाव के बीच गोल्ड-सिल्वर ETF में जमकर पैसा आया लेकिन 22 जनवरी को हालात अचानक बदल गए। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बाजार की दिशा ही पलट दी और देखते-देखते गोल्ड व सिल्वर ETF में भारी बिकवाली शुरू हो गई।

दरअसल यह गिरावट सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ी घटनाओं का नतीजा रही। इससे पहले ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर कड़ा रुख अपनाया था और कुछ देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। इन बयानों से अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ने के संकेत मिले थे। ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर जोखिम से बचने के लिए सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं जिससे इनके दाम और ETF लगातार नई ऊंचाई पर पहुंच गए थे।

ट्रंप के बदले सुर से बदली तस्वीर

हालांकि दावोस में नाटो महासचिव मार्क रुट्टे से मुलाकात के बाद ट्रंप के सुर बदले नजर आए। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि समझ के आधार पर वह वे टैरिफ लागू नहीं करेंगे जो 1 फरवरी से लागू होने वाले थे। हालांकि उन्होंने समझौते का पूरा ब्योरा साझा नहीं किया। इसके साथ ही ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर सैन्य कार्रवाई की अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं ऐसा नहीं करूंगा। लोग सोच रहे थे कि मैं ताकत का इस्तेमाल करूंगा लेकिन मुझे इसकी जरूरत नहीं है और मैं ऐसा नहीं करना चाहता।”

जोखिम घटा, सोने-चांदी में मुनाफावसूली

इन बयानों के बाद बाजार को संकेत मिला कि भू-राजनीतिक तनाव फिलहाल कुछ कम हो सकता है। जैसे ही जोखिम घटा, निवेशकों ने सोना-चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसका सीधा असर गोल्ड और सिल्वर ETF पर पड़ा। टाटा सिल्वर ETF करीब 21% टूटकर लगभग 26.41 रुपये पर आ गया। ग्रो, थ्री सिक्स्टी वन और एक्सिस सिल्वर ETF में करीब 16% की गिरावट दर्ज की गई। कोटक, मिराए एसेट और आदित्य बिड़ला सन लाइफ सिल्वर ETF लगभग 15% फिसले। वहीं निप्पॉन, डीएसपी, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और बंधन सिल्वर ETF में करीब 14% तक की गिरावट देखी गई।

गोल्ड ETF भी नहीं बचे

गिरावट की मार गोल्ड ETF पर भी पड़ी। आदित्य बिड़ला सन लाइफ गोल्ड ETF करीब 12% गिरकर लगभग 130.42 रुपये पर आ गया। एक्सिस, टाटा और बंधन गोल्ड ETF में करीब 11% की गिरावट दर्ज की गई। डीएसपी, एचडीएफसी, निप्पॉन इंडिया, एलआईसी एमएफ समेत कई अन्य गोल्ड ETF भी 9% से ज्यादा टूट गए जबकि एक दिन पहले ही ये अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे थे।

शेयर बाजार पर भी दिखा असर

इस हलचल का असर शेयर बाजार में भी साफ नजर आया। चांदी की सबसे बड़ी भारतीय उत्पादक कंपनी मानी जाने वाली हिंदुस्तान जिंक के शेयर 6% से ज्यादा टूटकर करीब 653.10 रुपये पर आ गए। चांदी की कीमतों में गिरावट का दबाव ऐसी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दिया।

आगे क्या रहेगा सोना-चांदी का रुख?

आगे की तस्वीर को लेकर विशेषज्ञों की राय संतुलित बनी हुई है। रॉयटर्स के मुताबिक एएनजेड की कमोडिटी स्ट्रैटेजिस्ट सोनी कुमारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के बदले रुख से भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ है इसी वजह से कीमतों में गिरावट देखने को मिली। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सोना अब भी मजबूत स्थिति में है क्योंकि इसे केंद्रीय बैंकों का समर्थन मिल रहा है और वैश्विक तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। 

वहीं गोल्डमैन सैक्स ने सोने को लेकर लंबी अवधि का नजरिया और मजबूत बताया है। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 के लिए सोने का अनुमान बढ़ाकर 5,400 डॉलर प्रति औंस कर दिया है जो पहले 4,900 डॉलर था। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि वैश्विक नीति जोखिम के चलते निजी निवेशक अपनी गोल्ड होल्डिंग्स बनाए रखेंगे। इसके अलावा ब्रोकरेज को उम्मीद है कि 2026 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में करीब 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है जिससे पश्चिमी देशों में गोल्ड ETF में निवेश बढ़ सकता है।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!