Heart Attack In Young Age: 25 से 35 साल के युवाओं में क्यों बढ़ रहा है साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा? जानें इसके पीछे की असली वजह

Edited By Updated: 20 Jan, 2026 11:26 AM

why is the risk of silent heart attacks increasing among young people aged

कुछ साल पहले तक हार्ट अटैक को उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। आज 25 से 35 साल के युवाओं में भी दिल का दौरा पड़ने के मामले सामने आ रहे हैं।

नेशनल डेस्क: कुछ साल पहले तक हार्ट अटैक को उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। आज 25 से 35 साल के युवाओं में भी दिल का दौरा पड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह बदलाव अचानक नहीं आया है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों और जीवनशैली का नतीजा है।

हार्ट अटैक होता कैसे है?
दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों की अंदरूनी परत को एंडोथीलियम कहा जाता है। जब यह परत कमजोर या क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो दिल से जुड़ी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आमतौर पर धमनियों में चर्बी और कोलेस्ट्रॉल जमा होकर प्लाक बनाते हैं। युवाओं में यह प्लाक अक्सर “सॉफ्ट” होता है। जब यह परत अचानक फटती है, तो खून तेजी से जमने लगता है और थक्का बन जाता है। यह थक्का पूरी धमनी को बंद कर सकता है। नतीजा यह होता है कि दिल तक खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और हार्ट अटैक की स्थिति बन जाती है। खास बात यह है कि कई मामलों में ब्लॉकेज ज्यादा नहीं होती, फिर भी अटैक हो जाता है।

कम उम्र में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले?
विशेषज्ञों के अनुसार, आज की तेज रफ्तार और तनाव भरी जिंदगी युवाओं के दिल पर सीधा असर डाल रही है। इसके पीछे कई कारण हैं—
लगातार तनाव और चिंता: काम का दबाव और भविष्य की चिंता से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं, जो दिल के लिए नुकसानदेह हैं।
गलत खानपान: जंक फूड, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा तला-भुना खाने से कोलेस्ट्रॉल असंतुलित होता है।
नींद की कमी: रोज 6 घंटे से कम सोना या अनियमित नींद का पैटर्न दिल की सेहत बिगाड़ता है।
फिजिकल एक्टिविटी की कमी: 8–9 घंटे लगातार बैठकर काम करना और एक्सरसाइज न करना दिल को कमजोर करता है।
गलत सप्लीमेंट या स्टेरॉयड का इस्तेमाल: जिम में बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां या सप्लीमेंट लेना जोखिम बढ़ाता है।

इन कारणों से शरीर में सूजन बढ़ती है, हार्ट रेट गड़बड़ाने लगती है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

हार्ट अटैक से बचने के लिए जरूरी बदलाव
अच्छी खबर यह है कि समय रहते कुछ आदतें बदलकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है—

नियमित व्यायाम करें
रोज 30–45 मिनट टहलना, योग, साइक्लिंग या हल्की एक्सरसाइज दिल को मजबूत बनाती है।

संतुलित और सादा भोजन अपनाएं
फल, सब्जियां, साबुत अनाज, कम तेल और कम नमक वाला खाना दिल के लिए फायदेमंद होता है।

तनाव को काबू में रखें
मेडिटेशन, पर्याप्त नींद और वर्क-लाइफ बैलेंस से मानसिक तनाव कम होता है, जिसका सीधा फायदा दिल को मिलता है।

समय-समय पर जांच कराएं
ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल जैसी जांच नियमित कराते रहें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आगे की जांच भी कराएं।

समझदारी ही सबसे बड़ा बचाव
कम उम्र में हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा एक चेतावनी है कि अब सेहत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। छोटी-छोटी आदतों में सुधार करके और समय पर जांच कराकर इस जोखिम से काफी हद तक बचा जा सकता है। दिल की सेहत आज संभालेंगे, तभी आने वाला कल सुरक्षित रहेगा।

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