Edited By Parveen Kumar,Updated: 29 Jan, 2026 08:18 PM

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने एक ही दिन में दो अहम वर्गों- सरकारी कर्मचारी और पुलिस बल के लिए बड़े फैसले लिए हैं। एक तरफ जहां खादी को बढ़ावा देने के लिए सरकारी दफ्तरों में नया ड्रेस नियम लागू किया गया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस कर्मियों को लंबे समय से...
नेशनल डेस्क: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने एक ही दिन में दो अहम वर्गों- सरकारी कर्मचारी और पुलिस बल के लिए बड़े फैसले लिए हैं। एक तरफ जहां खादी को बढ़ावा देने के लिए सरकारी दफ्तरों में नया ड्रेस नियम लागू किया गया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस कर्मियों को लंबे समय से चली आ रही मांग पर राहत दी गई है।
महीने में एक दिन खादी अनिवार्य
सिद्धारमैया सरकार ने खादी उद्योग को समर्थन देने के उद्देश्य से फैसला किया है कि राज्य सरकार के कर्मचारी हर महीने के पहले शनिवार को खादी से बने कपड़े पहनेंगे। यह व्यवस्था 24 अप्रैल से लागू होगी। इस नियम के दायरे में-
- राज्य सरकार के सभी विभाग
- बोर्ड और कॉर्पोरेशन
- विश्वविद्यालय
- विभिन्न प्राधिकरण
- सहायता प्राप्त संस्थान
कैसे हुआ फैसला?
खादी उत्पादों को लोकप्रिय बनाने को लेकर विधान सौधा में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश ने की। बैठक में सरकारी और सरकारी स्वामित्व वाले संस्थानों के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा खादी अपनाने पर चर्चा हुई, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
कर्मचारियों पर बोझ न पड़े, इसलिए बदला प्लान
शुरुआत में सरकार हर हफ्ते एक दिन खादी पहनने पर विचार कर रही थी, लेकिन कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ को देखते हुए इसे महीने में सिर्फ एक दिन तक सीमित कर दिया गया। कर्नाटक स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एसोसिएशन (KSGEA) के अध्यक्ष सी.एस. शदाक्षरी के मुताबिक, “यह पूरी तरह अनिवार्य नहीं है, बल्कि स्वैच्छिक अपील है। बुनकरों और खादी उद्योग की मुश्किलों को देखते हुए कर्मचारियों ने सरकार के साथ सहयोग करने का फैसला किया है।”
क्या पहन सकते हैं कर्मचारी?
सरकार ने ड्रेस को लेकर भी गाइडलाइन तय की है-
पुरुष कर्मचारी: खादी पैंट, शर्ट, ओवरकोट
महिला कर्मचारी: खादी साड़ी या चूड़ीदार
खरीद पर मिलेगा अतिरिक्त फायदा
खादी खरीद को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों से कहा गया है कि वे सरकारी खादी ग्रामोद्योग मंडलियों की दुकानों से ही कपड़े लें। सरकार ने इस पर 5% अतिरिक्त छूट देने का भी ऐलान किया है। इसके अलावा, 2026-27 के बजट में एक नई योजना की घोषणा की जाएगी, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए सस्ती दरों पर जरूरी सामान उपलब्ध कराने वाली “सरकारी कर्मचारी कैंटीन” शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था एमएसआईएल के जरिए सेना की कैंटीन की तर्ज पर होगी।