पहला कश्मीरी मुस्लिम राफेल पायलट बना चर्चा का केंद्र, हो रही वाहवाही, जानें ऑपरेशन सिंदूर के असली नायक के बारे में

Edited By Updated: 09 May, 2025 10:12 AM

wing commander hilal ahmed the first kashmiri muslim rafale pilot

'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया जब उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और टीआरएफ जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के प्रमुख प्रशिक्षण और लॉन्चिंग पैड को पूरी तरह से तबाह कर दिया। इस सफल...

नेशनल डेस्क। 'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय वायुसेना ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया जब उन्होंने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और टीआरएफ जैसे खूंखार आतंकी संगठनों के प्रमुख प्रशिक्षण और लॉन्चिंग पैड को पूरी तरह से तबाह कर दिया। इस सफल ऑपरेशन के बीच एक कश्मीरी शख्सियत खूब चर्चा में है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में राफेल लड़ाकू विमान एक कश्मीरी पायलट ने उड़ाया था जिसने आतंकियों के ठिकानों को पल भर में मटियामेट कर दिया। उस बहादुर राफेल पायलट का नाम विंग कमांडर हिलाल अहमद बताया जा रहा है। विंग कमांडर हिलाल अहमद राफेल उड़ाने वाले पहले कश्मीरी मुसलमान पायलट हैं और यह अटकलें तेज हैं कि उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विंग कमांडर हिलाल अहमद दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने 1988 में भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं देना शुरू किया था और उनके पास मिग-21 और मिराज 2000 जैसे लड़ाकू विमानों पर 3000 घंटे से अधिक का दुर्घटना-मुक्त उड़ान का अनुभव है। उन्हें उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वायुसेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है। हालांकि इस विशेष ऑपरेशन में उनकी सीधी भागीदारी की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है लेकिन उनकी असाधारण प्रोफाइल और व्यापक अनुभव को देखते हुए ऐसी अटकलें लगना स्वाभाविक है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई युद्ध और रणनीतिक रक्षा प्रणालियों की गहरी जानकारी रखने वाले उनके जैसे उच्च-कैलिबर अधिकारी इस तरह के बड़े और सटीक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

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सर्वदलीय बैठक और राजनीतिक प्रतिक्रिया

'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद भारत सरकार ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमें देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पाकिस्तान पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में डाला जाना चाहिए। 

 

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इसके साथ ही उन्होंने भारत और यूके व यूएस के बीच होने वाले व्यापारिक समझौतों में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध की शर्त रखने की भी वकालत की। ओवैसी ने कश्मीर घाटी में नागरिकों को हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजा देने पुंछ में विस्थापित हुए परिवारों की तत्काल मदद करने और देश के सुरक्षा खर्चों को और बढ़ाने की भी मांग की।

24 ताबड़तोड़ हमलों से मची तबाही

भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ बड़े आतंकवादी ठिकानों पर एक साथ अचूक सर्जिकल स्ट्राइक की। यह साहसिक हमला 7 मई की आधी रात को किया गया था जिसमें भारतीय सेना ने 24 ताबड़तोड़ हमले किए। यह दिन भारतीय सैन्य इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया जिसने देश की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत किया है।

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