युवराज मेहता की मौत से पहले आखिरी 6 घंटे: पार्टी से 60 किमी ड्राइव तक की चौंकाने वाली कहानी!

Edited By Updated: 21 Jan, 2026 10:10 PM

yuvraj mehta death case

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में 16-17 जनवरी की रात हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घने कोहरे के बीच हुई इस दुर्घटना में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई।

नेशनल डेस्क: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में 16-17 जनवरी की रात हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घने कोहरे के बीच हुई इस दुर्घटना में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। अब जांच एजेंसियां युवराज के आखिरी छह घंटों की पूरी गतिविधियों को मिनट-दर-मिनट खंगाल रही हैं। CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स और SIT की जांच से उस रात की पूरी टाइमलाइन सामने आ रही है।

ऑफिस पार्टी से शुरू हुआ सफर

युवराज मेहता गुरुग्राम की एक आईटी कंपनी में कार्यरत थे। 16 जनवरी की शाम ऑफिस से निकलने के बाद वे गुरुग्राम सेक्टर-43 स्थित Manhattan Bar & Restro पहुंचे, जहां ऑफिस पार्टी आयोजित थी। CCTV फुटेज में युवराज को टेबल नंबर-18 पर बैठकर पार्टी करते देखा गया है। करीब तीन घंटे बाद, रात 9:44 बजे वे बार से बाहर निकले और कार से घर के लिए रवाना हुए।

CCTV में कैद हुई 60 किमी की ड्राइव

जांच में सामने आया है कि पार्टी के बाद युवराज ने करीब 60 किलोमीटर तक कार चलाई। उनकी कार अलग-अलग स्थानों पर लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई— रात करीब 11 बजे महामाया फ्लाईओवर से दिल्ली की ओर,11:08 बजे सफीपुर चौराहा, सेक्टर-76 मेट्रो की दिशा में,11:12 बजे सेक्टर-76 मेट्रो स्टेशन के पास,11:25 बजे सेक्टर-100, प्रतीक बिल्डिंग के नजदीक,11:26 बजे सेक्टर-105, लोटस बुलेवार्ड के पास और इसके कुछ ही देर बाद सेक्टर-150 में हादसा हो गया।

30 फीट गहरे गड्ढे में गिरी कार

घने कोहरे के कारण युवराज की कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी टूटी बाउंड्री वॉल को तोड़ते हुए एक निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट के लिए खोदे गए करीब 30 फीट गहरे, पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी।

डेढ़ घंटे तक बचने की कोशिश

परिजनों और चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के बाद युवराज ने कार के सनरूफ से बाहर निकलकर करीब 90 से 120 मिनट तक मदद के लिए आवाज लगाई। लेकिन कोहरा, कड़ाके की ठंड और निर्माण स्थल पर फैली लोहे की रॉड्स व मलबे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी देरी हुई।

पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और बाद में NDRF की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका। तीन-चार दिन बाद (19-20 जनवरी) गोताखोरों और क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया।

लापरवाही पर कार्रवाई, बिल्डर गिरफ्तार

पुलिस ने निर्माण साइट से जुड़ी रियल एस्टेट कंपनी MZ विज़टाउन प्लानर्स के डायरेक्टर अभय कुमार को गिरफ्तार किया है। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर गैर-इरादतन हत्या (धारा 304A) सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई है।

जांच में सामने आया है कि साइट पर न तो बैरिकेडिंग थी, न पर्याप्त लाइटिंग और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। हैरानी की बात यह है कि 31 दिसंबर को इसी स्थान पर एक ट्रक भी हादसे का शिकार हो चुका था।

SIT जांच और प्रशासनिक कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। इस जांच समिति में—

  • अध्यक्ष: ADG मेरठ जोन भानु भास्कर
  • सदस्य: मेरठ मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी
  • सदस्य: PWD चीफ इंजीनियर अजय वर्मा

SIT को 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है। जांच में नोएडा अथॉरिटी, पुलिस, आपातकालीन सेवाओं की भूमिका और लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा रही है। हादसे के बाद नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम को पद से हटाकर वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया है।

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