Edited By Vatika,Updated: 20 Feb, 2026 08:55 AM

आम बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व आधुनिक
जालंधर: आम बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व आधुनिक बनाने के उद्देश्य से पावरकॉम ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना पर करीब 21 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकारी विभागों में लगे पुराने बिजली मीटर भी बदले जाएंगे।
पावरकॉम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब उपभोक्ताओं को दो महीने के बजाय हर महीने बिजली का बिल जारी किया जाएगा, जिससे उन्हें समय पर और सही खपत के अनुसार भुगतान करने में सुविधा होगी। विभाग के अनुसार, अभी तक जहां दो महीने में 600 यूनिट तक की खपत को आधार मानकर बिल तैयार किया जाता था, वहीं नई व्यवस्था में हर महीने अधिकतम 300 यूनिट की खपत के आधार पर बिल बनाया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को सब्सिडी और स्लैब दरों का लाभ नियमित रूप से मिलता रहेगा और अचानक अधिक बिल आने की समस्या से राहत मिलेगी।
खास बात यह है कि किराये के मकानों में रहने वाले लोगों को भी इस नई व्यवस्था से लाभ होगा। मकान मालिक और किरायेदार के बीच बिजली बिल को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी, क्योंकि अब हर महीने वास्तविक खपत के आधार पर बिल उपलब्ध होगा। अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली खपत का रियल टाइम डेटा उपलब्ध होगा, जिससे गलत रीडिंग या अनुमानित बिलिंग जैसी समस्याएं पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी। फिलहाल जिन उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर लगे हुए हैं, उन्हें विभाग की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही पावरकॉम की टीमें घर-घर जाकर पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य करेंगी। विभाग का दावा है कि इस नई प्रणाली से न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि बिजली वितरण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनेगी।