Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Feb, 2026 07:25 PM

केंद्रीय राज्य मंत्री (रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग) Ravneet Singh Bittu ने कहा कि पंजाब में रेलवे विकास परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009–2014 की तुलना में पंजाब के लिए वार्षिक रेलवे बजट आबंटन लगभग 25 गुना...
गुरदासपुर/पठानकोट (हरमन) : केंद्रीय राज्य मंत्री (रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग) Ravneet Singh Bittu ने कहा कि पंजाब में रेलवे विकास परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009–2014 की तुलना में पंजाब के लिए वार्षिक रेलवे बजट आबंटन लगभग 25 गुना बढ़कर ₹5,673 करोड़ हो गया है। वर्तमान में राज्यभर में ₹26,382 करोड़ की लागत से विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल लाइनों का निर्माण, स्टेशनों का पुनर्विकास, सुरक्षा उन्नयन और क्षमता विस्तार से जुड़े कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।मंत्री ने बताया कि राज्य के 30 रेलवे स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास Amrit Bharat Station Scheme के तहत ₹1,311 करोड़ की लागत से किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर सेवाएं मिल सकें।
दिल्ली–अंबाला कॉरिडोर का विस्तार
उन्होंने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का धन्यवाद करते हुए दिल्ली से अंबाला के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन को मंजूरी दिए जाने की सराहना की। 194 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹5,983 करोड़ है और इसे चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अपग्रेड से दिल्ली–जम्मू कॉरिडोर पर कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा श्री माता वैष्णो देवी कटरा, श्रीनगर, जम्मू और शिमला जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक आवागमन सुगम होगा।
मिरथल के पास RUB निर्माण
Ravneet Singh Bittu ने जालंधर कैंट–पठानकोट (JRC–PTKC) सेक्शन पर मिरथल रेलवे स्टेशन के निकट नलूंगा (किमी 94.030) पर रोड अंडर ब्रिज (RUB) निर्माण कार्य शुरू किए जाने की घोषणा की। 7.5 मीटर स्पैन और 5.5 मीटर क्लीयर हाइट वाला यह RUB दो रेल पटरियों को कवर करेगा। इसकी संशोधित लागत ₹18.28 करोड़ प्रस्तावित है।
नैरो गेज लाइन पर ट्रैफिक समस्या
मंत्री ने बताया कि नैरो गेज लाइन पर 12 लेवल क्रॉसिंग गेट कम दूरी पर स्थित हैं, जिससे ट्रेनों के गुजरने के दौरान फाटक लंबे समय तक बंद रहते हैं और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। इससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि इसका कोई तात्कालिक इंजीनियरिंग समाधान उपलब्ध नहीं है।

DLSR के विकास का प्रस्ताव
दीर्घकालिक समाधान के रूप में पठानकोट जंक्शन से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित DLSR के विकास का प्रस्ताव है। ₹21.42 करोड़ की लागत से यहां दो स्टेबलिंग लाइन, एक पिट लाइन, एक सिक लाइन, एक डीजल लोको पिट लाइन और एक शंटिंग नेक विकसित किए जाएंगे।
पठानकोट कैंट स्टेशन का एकीकृत पुनर्विकास
पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन के एकीकृत पुनर्विकास के लिए व्यवहार्यता अध्ययन, मास्टर प्लानिंग, अर्बन डिजाइनिंग तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु तकनीकी परामर्श का प्रस्ताव भी रखा गया है। मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में रेलवे ढांचे को सुदृढ़ कर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

