तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि की प्रतिमा लगाने पर रोक

Edited By Updated: 19 May, 2022 07:59 PM

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चेन्नई, 19 मई (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके) के एक मंत्री समेत दो लोगों को तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में एक सार्वजनिक स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एम करुणानिधि की प्रतिमा की स्थापना नहीं...

चेन्नई, 19 मई (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (डीएमके) के एक मंत्री समेत दो लोगों को तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई में एक सार्वजनिक स्थान पर पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एम करुणानिधि की प्रतिमा की स्थापना नहीं करने को कहा।
बुधवार के निर्देश के अनुरूप तिरुवन्नामलाई के कलेक्टर ने अपने अधीनस्थों से परामर्श करने के बाद शपथ पत्र दायर नहीं किया और ऐसा करने के लिए और समय देने की गुजारिश की है।
इसलिए मद्रास उच्च न्यायालय की एक अवकाश पीठ ने गुरुवार को यह निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति एस एम सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति जे सत्य नारायण प्रसाद की पीठ ने जी कार्तिक की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की।
याचिका में तिरुवन्नामलाई जिले के वेंगीक्कल गांव और उसके आसपास के इलाकों से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई है।
यह आरोप लगाया गया कि राजेंद्रन नाम के एक व्यक्ति, जो साढ़े 92 वर्ग फुट जमीन के मालिक, ने सरकारी अधिकारियों से मिलीभगत करके अपनी जमीन से अधिक भपट्टा हासिल कर लिया है। याचिका में कहा गया है कि अतिक्रमण करके कब्जा किये गये भाग में निर्माण कार्य कराने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे आम जनता को अधिक असुविधा होगी।
याचिका में अन्य प्रतिवादियों में एक शैक्षिक ट्रस्ट और द्रमुक मंत्री ईवी वेलू का नाम शामिल था। हालांकि, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस मामले में कोई अवैधता नहीं है। उन्होंने कहा कि रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं थी, क्योंकि याचिकाकर्ता के पास याचिका दायर करने का कोई अधिकार नहीं था।




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