फ्लेक्सी फेयर से यात्रियों को फिलहाल राहत नहीं

Edited By Updated: 18 Mar, 2018 03:49 PM

goyal junks report suggesting airline like dynamic pricing in railway

ट्रेनों में फिलहाल फ्लेक्सी फेयर की मार से राहत मिलती नजर नहीं आ रही। फ्लेक्सी किराया योजना की समीक्षा के लिए बनी समिति को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि वह नए सिरे से मामले पर विचार करे और ताजा रिपोर्ट तैयार करे।

नई दिल्लीः ट्रेनों में फिलहाल फ्लेक्सी फेयर की मार से राहत मिलती नजर नहीं आ रही। फ्लेक्सी किराया योजना की समीक्षा के लिए बनी समिति को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि वह नए सिरे से मामले पर विचार करे और ताजा रिपोर्ट तैयार करे। पिछले साल दिसंबर में बनाई गई समिति अभी लागू फ्लेक्सी सिस्टम का प्रभाव जानने और रेवेन्यू बढ़ाने के और तरीकों के बारे में सुझाव देने के लिए बनी थी।

समिति ने 15 जनवरी को अपनी रिपोर्ट भेजी जिसमें सभी एक्सप्रेस मेल ट्रेनों में एयरलाइंस की तरह डायनेमिक प्राइसिंग लागू करने का सुझाव दिया। समिति का सुझाव था कि किसी भी टिकट की कीमत कई कारकों पर निर्भर करेगी। जिसमें त्योहारों के समय अधिक रेट, लोअर बर्थ के लिए अतिरिक्त चार्ज, कम समय में पहुंचाने वाली ट्रेन का ज्यादा किराया शामिल था। 

समिति ने ऐसा भी सुझाव दिया कि था जिससे ट्रेन का किराया फ्लाइट्स की तरह ट्रेन यात्रा के दिन करीब आने के साथ-साथ बढ़ता जाएगा। 13 मार्च को फ्लेक्सी फेयर को लेकर हुई 20 मिनट की मीटिंग में गोयल ने इन सभी सुझावों को लेकर नाखुशी जाहिर की और समिति से फिर से विचार करने को कहा। इस समिति में रेलवे बोर्ड के कुछ अधिकारी, नीति आयोग के सलाहकार और एयर इंडिया के कुछ अधिकारी शामिल थे। 

2015-16 में जब फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम शुरू नहीं किया गया था तब 138.71 लाख टिकट बुक किए गए और रेलवे ने 1931.6 करोड़ रुपये कमाए। सितंबर 2016 में जब फ्लेक्सी-फेयर सिस्टम लाया गया तो रेलवे ने 137.39 लाख टिकट बेच कमाई 2,192.24 तक बढ़ा ली। फ्लेक्सी सिस्टम से रेलवे का किराया 50 प्रतिशत तक बढ़ गया। 

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