हरियाणा में पैसे लेकर नौकरियां दिलाने का बड़ा घोटाला

Edited By Updated: 25 Nov, 2021 03:28 AM

big scam of getting jobs by taking money in haryana

हाल ही में हरियाणा में डैंटल सर्जनों की नियुक्तियों में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। इस सिलसिले में आरोपियों हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के उप सचिव अनिल नागर व उसके साथियों नवीन कुमार व अश्विनी शर्मा का विजीलैंस रिमांड

हाल ही में हरियाणा में डैंटल सर्जनों की नियुक्तियों में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। इस सिलसिले में आरोपियों हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के उप सचिव अनिल नागर व उसके साथियों नवीन कुमार व अश्विनी शर्मा का विजीलैंस रिमांड समाप्त होने पर उन्हें 26 नवम्बर तक पंचकूला की अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में पहली गिरफ्तारी 17 नवम्बर को अनिल नागर के सहयोगी नवीन कुमार की 20 लाख रुपयों के साथ हुई थी तथा अब तक 3 करोड़ रुपए से अधिक की बरामदगी हो चुकी है। 

नवीन ने स्वीकार किया है कि उसने 10 लाख रुपए प्रत्येक के हिसाब से 10 उम्मीदवारों की डैंटल सर्जन की भर्ती परीक्षा पास करने में मदद की और पैसे लेकर 2 अन्यों के साथ मिलकर कम से कम 50 लोगों का ‘हरियाणा स्टाफ सिलैक्शन कमीशन’ (एच.एस.एस.सी.) द्वारा चयन करवाया। राज्य के सतर्कता विभाग ने गत वीरवार को अनिल नागर को 90 लाख रुपए नकद राशि के साथ उसके पंचकूला स्थित कार्यालय से पकड़ा था। यह रकम नागर का सहायक अश्विनी उसे देने आया था जिसके घर से विजीलैंस ने 1 करोड़ 8 लाख रुपए बरामद किए थे। 

नागर के घर से भी लगभग 12 लाख रुपए नकद, 50 लाख रुपए मूल्य के जमीन के स्वामित्व के दस्तावेज, लैपटाप तथा फोन भी बरामद हुए। विजीलैंस ने अनिल नागर से एच.सी.एस. का प्री-एग्जाम पास करने वाले 24 उम्मीदवारों की सूची बरामद की है जिनमें से कुछ के साथ अनिल नागर और उसके साथियों की डील हो चुकी थी। इस घोटाले के सामने आने के बाद अनिल नागर के कार्यकाल में अब तक हुई भॢतयों की सूची तैयार करवाई जा रही है जिनकी जांच की तैयारी चल रही है। हरियाणा स्टाफ सिलैक्शन कमीशन के अंतर्गत की गई महिला कांस्टेबलों की नियुक्तियां भी जांच के दायरे में आ गई हैं। 

इसी बीच हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठï कांग्रेसी नेता भूपिन्द्र सिंह हुड्डा ने दोनों सरकारी एजैंसियों में भ्रष्टाचार तथा भॢतयों में अनियमितताओं की जांच सी.बी.आई. से करवाने की मांग की है। सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद की समस्या तो पहले से ही चली आ रही थी, अब इनमें भ्रष्टाचार का तत्व भी शामिल हो गया है। इससे जहां पात्र उम्मीदवारों का अधिकार छीना जा रहा है वहीं भ्रष्टाचार जैसी बुराई को भी बढ़ावा मिल रहा है। अत: ऐसे लोगों के विरुद्ध तुरंत एवं कठोरतम कार्रवाई होनी ही चाहिए।—विजय कुमार

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