‘कुछ सरकारी अस्पताल’‘जहां वार्डों में है चूहों का राज’

Edited By Updated: 22 May, 2025 05:15 AM

some government hospitals where rats rule the wards

केंद्र और राज्य सरकारें चाहे कितने भी दावे क्यों न करती रहें कि वे सरकारी अस्पतालों में आम लोगों के इलाज के लिए चाक-चौबंद इंतजाम करती हैं परंतु असल हालात कुछ और ही हैं।

केंद्र और राज्य सरकारें चाहे कितने भी दावे क्यों न करती रहें कि वे सरकारी अस्पतालों में आम लोगों के इलाज के लिए चाक-चौबंद इंतजाम करती हैं परंतु असल हालात कुछ और ही हैं। कुछ सरकारी अस्पतालों के जनरल वार्डों में इस कदर बदइंतजामी है कि वहां कुत्तों, बिल्लियों और बंदरों के अलावा ‘चूहों का राज’ नजर आता है। चूहे जहां रोगियों के बिस्तरों पर उत्पात मचाते नजर आते हैं, वहीं चिकित्सा उपकरणों की तारों आदि को भी काट कर क्षति पहुंचा रहे हैं जिनके चंद उदाहरण निम्न में दर्ज हैं :

* 9 फरवरी, 2024 को ‘कानपुर’ (उत्तर प्रदेश) के ‘उर्सला हार्समैन मैमोरियल अस्पताल’ में चूहों ने 25 लाख रुपए मूल्य की ‘डिजीटल एक्स-रे मशीन’ के अंदर घुस कर तारों को कुतर डाला जिससे उसने काम करना बंद कर दिया। बताया जाता है कि चूहे पहले भी इस अस्पताल में लाखों रुपए के चिकित्सा उपकरणों को खराब कर चुके हैं।

* 11 फरवरी, 2024 को ‘हैदराबाद ’ (तेलंगाना) में ‘कामारेड्डी’ स्थित सरकारी अस्पताल के आई.सी.यू. में बेहोश पड़े एक मरीज की एड़ी तथा एक हाथ की उंगलियों को चूहों ने कुतर डाला जिससे उसकी हालत और भी खराब हो जाने के कारण उसकी मौत हो गई।
* 5 अप्रैल, 2024 को ‘पुणे’ (महाराष्ट्र) स्थित सरकारी ‘सैसून जनरल हास्पिटल (एस.जी.एच.) के आई.सी.यू. में उपचाराधीन एक युवक की मौत अस्पताल में चूहों के काटने से उसकी तबीयत अधिक बिगड़ जाने के परिणामस्वरूप हो गई।
* 16 मई, 2024 को ‘छिंदवाड़ा’ (मध्य प्रदेश) के सरकारी अस्पताल में चूहों ने एक उपचाराधीन बुजुर्ग महिला के दोनों पैरों के अंगूठों तथा पैर के कुछ हिस्से को कुतर दिया जिससे वार्ड में हड़कंप मच गया। 

* 25 अक्तूबर, 2024 को ‘श्री माधोपुर’ (राजस्थान) के सरकारी अस्पताल के शवगृह में पड़े  एक युवक के शव के नाक और ठुड्डा को चूहों ने कुतर दिया जिस पर मृतक के वारिसों ने वहां भारी हंगामा किया। 
* 15 नवम्बर, 2024 को ‘पटना’ (बिहार) के ‘नालंदा मैडीकल कालेज अस्पताल’ के शवगृह में पड़े एक शव की आंख गायब मिली। मृतक के परिजनों ने जब अस्पताल प्रबंधन से आपत्ति जताई तो उन्होंने जवाब दिया कि आंख चूहे ले गए। 
* 13 दिसम्बर, 2024 को ‘जयपुर’ (राजस्थान) के सबसे बड़े ‘स्टेट कैंसर इंस्टीच्यूट’ में उपचाराधीन ब्लड कैंसर से पीड़ित 10 वर्षीय बच्चे के पैर के अंगूठे को चूहों ने कुतर दिया। 
बच्चे के परिजनों ने कम्बल उठाकर देखा तो चूहे बच्चे के पैर का अंगूठा खा रहे थे और उसमें से खून निकल रहा था। परिजनों द्वारा शिकायत करने पर डाक्टरों ने घाव पर दवा लगवाकर पट्टी तो करवा दी परंतु इतनी बड़ी लापरवाही की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया तथा बाद में उसकी मौत हो गई। 

* 7 मार्च, 2025 को ‘मंडला’ (मध्य प्रदेश) के जिला अस्पताल में कैबिनेट मंत्री ‘सम्पतिया उईके’ निरीक्षण के लिए पहुंचीं तो उन्होंने बच्चों के वार्ड में बिना डर के इधर-उधर घूमते चूहों को देख कर अस्पताल प्रबंधन को भारी फटकार लगाई। 
एक उपचाराधीन रोगी के परिजनों ने मंत्री से शिकायत की कि अस्पताल में एक प्रकार से चूहों का ही राज है जो रोगियों का खाना तथा अन्य सामान तक खींच कर ले जाते हैं और मोबाइल चार्जरों की तारें तक कुतर देते हैं। 

* और अब 20 मई, 2025 को एक बार फिर ‘पटना’ (बिहार) के ‘नालंदा मैडीकल कालेज अस्पताल’  के हड्डïी रोग विभाग के यूनिट नम्बर 4 में उपचाराधीन ‘अवधेश कुमार’ नामक दिव्यांग मरीज जब रात को सो रहा था तो चूहों ने उसके दाहिने पैर पर की हुई पट्टी को काट कर उसके पैर की 4 उंगलियां कुतर डालीं। करोड़ों रुपयों की लागत से निर्मित सरकारी अस्पतालों के वार्डों में चूहों आदि का घूमना-फिरना, उपकरण खराब करना, उपचाराधीन रोगियों को काटने से मौतें तथा शवों को क्षतिग्रस्त करना आदि निश्चय ही ऐसी समस्याएं हैैं जिनका समाधान यथाशीघ्र ढूंढा जाना चाहिए। प्रश्न यह भी है कि यदि प्राइवेट अस्पतालों में ऐसी घटनाएं नहीं होतीं तो सरकारी अस्पतालों में क्यों? —विजय कुमार

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