5 Reasons of Market Crash: शेयर बाजार में गिरावट के 5 मुख्य कारण

Edited By Updated: 03 Feb, 2025 01:03 PM

5 main reasons for the fall in the stock market

सोमवार 3 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 731 अंक टूटकर 76,774.05 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 243 अंक की गिरावट के साथ 23,239.15 पर पहुंच गया। कैपिटल गुड्स, पावर, यूटिलिटी और...

बिजनेस डेस्कः सोमवार 3 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 731 अंक टूटकर 76,774.05 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 243 अंक की गिरावट के साथ 23,239.15 पर पहुंच गया। कैपिटल गुड्स, पावर, यूटिलिटी और इंडस्ट्रियल्स जैसे सेक्टर्स में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी नुकसान हुआ, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, शेयर बाजार की इस गिरावट के पीछे 5 मुख्य कारण रहे.....

ट्रंप टैरिफ ने ग्लोबल ट्रेड वार की आशंकाएं बढ़ाई

शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे सबसे मुख्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ ऐलान रहे, जिसने ग्लोबल लेवल पर निवेशकों को सेंटीमेंट कमजोर किया है। ट्रंप ने वीकेंड पर कनाडा, मैक्सिको और चीन पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया। कनाडा और मैक्सिको पर 25 पर्सेंट टैरिफ लगाया गया है। वहीं चीन पर 10 प्रतिशत ड्यूटी लगाया है। इस कदम ने ग्लोबल लेवल पर व्यापर के समीकरणों के बिगड़ने और जवाबी कार्रवाई की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। कनाडा और मैक्सिको ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है। वहीं चीन ने कहा है कि वह वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में इस फैसले को चुनौती देगा।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट, डॉ वीके विजयकुमार ने कहा, 'ट्रंप आगे भी टैरिफ को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और वे गैर-व्यापार मुद्दों पर भी दुनिया के बाकी देशों को निशाना बना सकते हैं।'

डॉलर के मुकाबले नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया

डोनाल्ड ट्रंप के ऐलानों के बाद डॉलर के मुकाबले अधिकतर एशियाई करेंसी की वैल्यू में गिरावट आई। भारतीय रुपया भी पहली बार 87 रुपए प्रति डॉलर के स्तर से नीचे चला गया। सोमवार को कारोबार के दौरान रुपया 0.5 प्रतिशत 87.07 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। व्यापारियों को डॉलर की मजबूत मांग के बीच इसमें और गिरावट की उम्मीद है।

FIIs की बिकवाली अभी भी जारी

इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी शेयर बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। बजट के दिन शनिवार 1 फरवरी को भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 1,327.09 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले जनवरी में उन्होंने कुल 87,374.66 करोड़ रुपए के शुद्ध बिकवाली की। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार का ध्यान अब वापस कंपनियों के तिमाही नतीजों और 7 फरवरी को आने वाली आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के नतीजों पर आ गया है। बाजार को उम्मीद है कि मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी 7 फरवरी को ब्याज दरों में कुछ कटौती का ऐलान कर सकता है, जिससे बाजार में नकदी बढ़ सकती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर के बजट में मामूली बढ़ोतरी से निवेशकों में निराशा

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आज 3 फरवरी को तेज बिकवाली का सामना करना पड़ा, जिससे इसका सेक्टोरल इंडेक्स 2.3 प्रतिशत तक गिर गया। यह गिरावट मुख्य रूप से सरकार द्वारा बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर में मामूली बढ़ोतरी करने के कारण आई, जो निवेशकों की उम्मीदों से काफी कम थी। निवेशक उम्मीद कर रहे थे कि सरकार इस क्षेत्र में अपना फोकस बढ़ाएगी। इस निराशाजनक खबर के कारण प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई, जैसे कि L&T के शेयर 4.42 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर 2 प्रतिशत और इरकॉन इंटरनेशनल के शेयर 5 प्रतिशत तक घट गए।

क्या कहता है टेक्निकल सेटअप?

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, रिसर्च अजीत मिश्रान के अनुसार, टेक्निकल चार्ट पर निफ्टी ने पिछले कारोबार में अपने 200-दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (DEMA) के अहम रेजिस्टेंस लेवल को टेस्ट किया और इसके बाद इसमें गिरावट आई। निफ्टी के लिए नीचे की ओर 23,000-23,300 के बीच अहम सपोर्ट है, जबकि ऊपर की ओर 23,650 के पार जाने पर रिकवरी देखी जा सकती है। फिलहाल, बाजार में सेक्टोरल इंडेक्स के मिले-जुले प्रदर्शन की उम्मीद है और ब्याज दरों तथा कंजम्प्शन से जुड़े स्टॉक्स पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।

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