Edited By jyoti choudhary,Updated: 28 Jan, 2026 06:13 PM

बीते 12 महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इस दौरान चांदी के दाम 200 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुके हैं, जबकि सोना करीब 95 फीसदी की तेजी दिखा चुका है। इतनी तेज रैली के बाद दोनों की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं,...
बिजनेस डेस्कः बीते 12 महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इस दौरान चांदी के दाम 200 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुके हैं, जबकि सोना करीब 95 फीसदी की तेजी दिखा चुका है। इतनी तेज रैली के बाद दोनों की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, जिससे छोटे और रिटेल निवेशकों के लिए इनमें सीधा निवेश करना अब चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
ऐसे में निवेशकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या गोल्ड और सिल्वर की यह तेजी आगे भी बरकरार रह पाएगी। ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब वैकल्पिक मेटल्स की तलाश तेज हो गई है। विश्लेषकों के मुताबिक, इस दौर में कॉपर (तांबा) एक मजबूत निवेश विकल्प के तौर पर उभर सकता है।
क्यों मजबूत बना हुआ है कॉपर का आउटलुक?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 तक कॉपर की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह सप्लाई का लगातार सख्त होना और एनर्जी ट्रांजिशन से जुड़ी इंडस्ट्रीज की बढ़ती मांग है।
कमोडिटी मार्केट के पिछले ट्रेंड्स बताते हैं कि तेजी आमतौर पर एक क्रम में आती है—पहले सोना, फिर चांदी, उसके बाद कॉपर और अंत में कच्चा तेल। मौजूदा हालात इसी पैटर्न की ओर इशारा कर रहे हैं।
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और क्लीन एनर्जी से बढ़ी मांग
कॉपर की मांग में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर, सोलर-विंड प्रोजेक्ट्स, ग्रिड अपग्रेड और एनर्जी स्टोरेज से आ रहा है। यही वजह है कि विशेषज्ञ इसे केवल साइक्लिक तेजी नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चरल ट्रेंड मान रहे हैं।
Copper Price Today
सोना और चांदी के बाद कॉपर भी मजबूती दिखा रहा है।
- MCX पर कॉपर 1.13 फीसदी की तेजी के साथ ₹1,322.25 प्रति किलो पर कारोबार कर रहा है।
- ग्लोबल मार्केट (COMEX) में कॉपर 1.89 फीसदी चढ़कर $5.972 प्रति पाउंड पर पहुंच गया है।