Bitcoin vs Gold: युद्ध के बीच आखिर क्यों फीका पड़ा सोना? Bitcoin ने कर दिया बड़ा उलटफेर

Edited By Updated: 18 Mar, 2026 11:31 AM

investor sentiment shifts greater trust placed in bitcoin than gold

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से दुनिया भर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। आमतौर पर ऐसे समय में निवेशक सोना, अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड जैसे...

बिजनेस डेस्कः अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से दुनिया भर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है। आमतौर पर ऐसे समय में निवेशक सोना, अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं लेकिन इस बार ट्रेंड कुछ अलग नजर आ रहा है।

 

तनाव बढ़ने के बाद बिटकॉइन सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले एसेट्स में उभरकर सामने आया है, जबकि सोना अपनी तेजी बनाए रखने में नाकाम रहा है और शेयर बाजारों में भी अस्थिरता बनी हुई है।

बिटकॉइन में जोरदार तेजी

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन फरवरी के अंत से करीब 4 प्रतिशत चढ़कर 74,500 डॉलर के आसपास पहुंच गया, जो करीब छह हफ्तों का उच्च स्तर है। हालांकि बीच में थोड़ी गिरावट भी आई लेकिन संघर्ष शुरू होने के बाद से इसमें 12 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है।

सिर्फ बिटकॉइन ही नहीं, अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भी मजबूती देखने को मिली। ईथर करीब 10 प्रतिशत तक चढ़ा, जबकि सोलाना और एक्सआरपी में 8 से 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ रहा है और जोखिम लेने की प्रवृत्ति मजबूत हो रही है।

सोना क्यों पिछड़ा?

आमतौर पर संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है लेकिन इस बार इसमें लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके पीछे मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ती महंगाई की आशंकाएं प्रमुख कारण हैं। साथ ही, यह उम्मीद कम हो गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक जल्द ब्याज दरों में कटौती करेगा। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में सोना कम आकर्षक हो जाता है क्योंकि इससे कोई नियमित रिटर्न नहीं मिलता।

तेल बाजार से मिला सपोर्ट

तेल की कीमतों में शुरुआती तेजी के बाद आई नरमी और होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद ने बाजार को कुछ राहत दी है।

बड़े निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी

क्रिप्टो बाजार में संस्थागत निवेश भी बढ़ रहा है। अमेरिका में सूचीबद्ध बिटकॉइन ETF में पिछले हफ्ते 763 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश आया है, जबकि मार्च में कुल निवेश 1.3 बिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है। इससे संकेत मिलता है कि बड़े निवेशक भी अब क्रिप्टोकरेंसी की ओर रुख कर रहे हैं।

क्या बिटकॉइन सुरक्षित निवेश बन गया है?

हालांकि मौजूदा हालात में बिटकॉइन का प्रदर्शन मजबूत रहा है लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित निवेश कहना अभी जल्दबाजी होगी। पारंपरिक रूप से इसे जोखिम भरा एसेट माना जाता है, जिसमें तेजी और गिरावट दोनों तेज होती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल निवेशक इसे अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, न कि स्थायी सुरक्षित विकल्प के तौर पर।

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