Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Mar, 2026 11:33 AM

HDFC Bank के शेयरों में हालिया गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा बरकरार है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली लेकिन एक्सपर्ट्स इसे शॉर्ट-टर्म रिएक्शन मान रहे हैं।
बिजनेस डेस्कः HDFC Bank के शेयरों में हालिया गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा बरकरार है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली लेकिन एक्सपर्ट्स इसे शॉर्ट-टर्म रिएक्शन मान रहे हैं।
गुरुवार को बैंक का शेयर 5.1% टूटकर 800 रुपए पर बंद हुआ, जबकि इंट्राडे में यह करीब 8.7% तक लुढ़क गया—जो पिछले दो साल की सबसे बड़ी गिरावट रही। इस गिरावट के पीछे कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर उठे सवाल प्रमुख वजह रहे।
‘Buy’ रेटिंग बरकरार
हालांकि, Jefferies ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,240 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 55% की संभावित तेजी दर्शाता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मैनेजमेंट और बोर्ड से बातचीत के बाद यह साफ है कि बैंक का गवर्नेंस स्ट्रक्चर मजबूत है और किसी बड़े जोखिम की आशंका नहीं है।
साथ ही केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाए जाने से नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी, जिससे निवेशकों की चिंता कम होगी। खुद अतनु चक्रवर्ती ने भी अपने इस्तीफे में किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है।
वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी स्पष्ट किया है कि बैंक के गवर्नेंस को लेकर कोई गंभीर चिंता नहीं है, जो निवेशकों के लिए राहत की बात है।
मोतीलाल ओसवाल भी स्टॉक पर बुलिश
दूसरी ओर, Motilal Oswal Financial Services भी इस स्टॉक पर बुलिश बना हुआ है। ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग के साथ 1,100 रुपए का टारगेट दिया है, जो करीब 38% अपसाइड की संभावना दिखाता है।
ब्रोकरेज का मानना है कि इस्तीफे से पहले किसी तरह की ऑपरेशनल या रेगुलेटरी समस्या नहीं थी। अब निवेशकों की नजर स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति और CEO सक्सेशन प्लान पर टिकी रहेगी।
हालांकि, पिछले एक साल में बैंक का शेयर करीब 9.5% गिरा है, जबकि Nifty 50 में केवल 0.8% की गिरावट आई है। इसके बावजूद बैंक की कैपिटल पोजिशन, लिक्विडिटी और बिजनेस ग्रोथ मजबूत बनी हुई है, जिससे लंबी अवधि में तेजी की उम्मीद कायम है।