E100 फ्यूल को मिली मंजूरी, क्या आपकी पेट्रोल कार में भी डाल सकेंगे यह ईंधन? जानें E20 से कितना अलग

Edited By Updated: 27 Oct, 2026 11:28 PM

e100 fuel approved can you put this fuel in your petrol car too

भारत सरकार ने देश में एथेनॉल से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने और पेट्रोल के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश में एथेनॉल से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देने और पेट्रोल के आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में E100 ईंधन (E100 Fuel) के इस्तेमाल को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से भविष्य में भारतीय सड़कों पर लगभग 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली कारों की संख्या बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

अधिसूचना जारी, केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में हुआ संशोधन 
मंत्रालय द्वारा 23 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई थी, जिसे 26 अक्टूबर को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके साथ ही केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में जरूरी संशोधन लागू हो चुके हैं। नए नियमों के तहत E100 को वाहनों के उत्सर्जन (एमिशन) मानकों और जांच से जुड़े प्रावधानों में E85 ईंधन के साथ शामिल किया गया है। इसके अलावा, एमिशन टेस्टिंग से जुड़े नियमों में वाहनों के वजन की सीमा को 3,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 3,500 किलोग्राम कर दिया गया है।

क्या है E100 और E20 से यह कितना अलग है? 
E100 एक ऐसा ईंधन है जिसमें लगभग 100 प्रतिशत शुद्ध एथेनॉल होता है। एथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। वर्तमान में भारत में बिक रहे E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। इसके विपरीत, E100 में एथेनॉल की मात्रा लगभग 100 प्रतिशत होती है। इन दोनों ईंधनों के बीच सबसे मुख्य अंतर एथेनॉल की मात्रा और उन्हें इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक वाहन तकनीक का है।

क्या आपकी मौजूदा पेट्रोल कार में डल सकेगा E100? 
अगर आप अपनी सामान्य पेट्रोल कार में E100 ईंधन डालने की सोच रहे हैं, तो ऐसा बिल्कुल नहीं किया जा सकता। नियमों के अनुसार, E100 और E85 का उपयोग केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकेगा, जिन्हें वाहन निर्माता कंपनियां खास तौर पर एथेनॉल ईंधन के लिए डिजाइन करेंगी। ऐसे वाहनों को फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (Flex-Fuel Vehicles) कहा जाता है, जिनके फ्यूल सिस्टम, इंजन के पुर्जे और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल इस तरह तैयार किए जाते हैं कि वे अलग-अलग मात्रा वाले एथेनॉल से चल सकें। यदि सामान्य पेट्रोल कार में E100 डाला जाता है, तो उसके फ्यूल सिस्टम के पुर्जों को नुकसान पहुंच सकता है और इंजन की परफॉर्मेंस पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

कार कंपनियों का रास्ता साफ, पर पूरे देश में बिक्री की घोषणा अभी नहीं 
सरकार के इस निर्णय से ऑटोमोबाइल कंपनियों को E100 पर चलने वाली कारों की टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन के लिए एक तय व्यवस्था मिल गई है, जिससे भारत में फ्लेक्स-फ्यूल कारों को लॉन्च करने का रास्ता आसान होगा। हालांकि, सरकार ने अभी पूरे देश में E100 फ्यूल की व्यावसायिक बिक्री शुरू करने की घोषणा नहीं की है और न ही इन नई कारों की कीमतों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई है।

क्या E100 से कार चलाना सस्ता पड़ेगा? 
फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि E100 से कार चलाना आम पेट्रोल के मुकाबले सस्ता होगा या नहीं। एथेनॉल में प्रति लीटर पेट्रोल की तुलना में कम ऊर्जा होती है, जिस वजह से समान दूरी तय करने के लिए कार को अधिक ईंधन की खपत करनी पड़ सकती है। कार चलाने का वास्तविक खर्च E100 की बाजार कीमत, गाड़ी के माइलेज और ईंधन की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!