Edited By Pardeep,Updated: 20 Oct, 2026 10:03 PM

त्यौहारी सीजन के दौरान देश में चीनी की कीमतों में तेजी से इजाफा हो रहा है, जिससे आम जनता का बजट बिगड़ गया है। हाल ही में जारी ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में देश के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से...
नई दिल्ली: त्योहारी सीजन के दौरान देश में चीनी की कीमतों में तेजी से इजाफा हो रहा है, जिससे आम जनता का बजट बिगड़ गया है। हाल ही में जारी ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में देश के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 21 में चीनी की खुदरा महंगाई दर 30% से अधिक दर्ज की गई है।
जनवरी 2026 के बाद उच्चतम स्तर पर खुदरा महंगाई
देशभर में चीनी की खुदरा महंगाई दर अगस्त 2026 के 24.27% से बढ़कर सितंबर में 29.80% पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा नई सीपीआई सीरीज में जनवरी 2026 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में चीनी की खुदरा महंगाई दर महज 1.44% थी, जो अगस्त में बढ़कर 24.27% हुई और सितंबर में और उछलकर 29.80% पर आ गई।
ओडिशा में सबसे महंगी हुई चीनी, राजस्थान में थोड़ी राहत
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ओडिशा ऐसा राज्य है जहां चीनी की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ओडिशा में चीनी की सालाना महंगाई दर 37.48% तक पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर, राजस्थान एकमात्र ऐसा राज्य रहा जहां सितंबर में चीनी की महंगाई दर में मामूली कमी देखी गई, यहां यह आंकड़ा अगस्त के 25.65% से घटकर सितंबर में 25.15% रह गया।
गन्ने की कम पैदावार और सूखे के कारण बढ़े दाम
चीनी के दामों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण गन्ने के उत्पादन में आई कमी और इस साल कम बारिश होना है। देश में सबसे ज्यादा गन्ने की खेती करने वाले महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में कम बारिश के कारण चीनी के उत्पादन और बाजार में उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
खुदरा के मुकाबले थोक बाजार में थोड़ी नरमी
खुदरा बाजार के विपरीत थोक बाजार (WPI) में चीनी की महंगाई दर में सितंबर महीने के दौरान कुछ गिरावट दर्ज की गई। थोक मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में थोक चीनी महंगाई दर 16.29% थी, जो सितंबर 2026 में घटकर 12.72% रह गई, हालांकि यह अभी भी पिछले साल की तुलना में काफी अधिक बनी हुई है।