Telecom Sector में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में सरकार! Vodafone Idea को होगा सबसे ज्यादा फायदा

Edited By Updated: 18 Jan, 2025 03:23 PM

government is preparing to take a big step in the telecom sector

सरकार टेलीकॉम सेक्टर में एक अहम कदम उठाने की योजना बना रही है, जिसके तहत एजीआर (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाए पर टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत दी जा सकती है। इस राहत से सबसे अधिक फायदा कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया को होने की संभावना है। 2019 के...

बिजनेस डेस्कः सरकार टेलीकॉम सेक्टर में एक अहम कदम उठाने की योजना बना रही है, जिसके तहत एजीआर (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाए पर टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत दी जा सकती है। इस राहत से सबसे अधिक फायदा कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया को होने की संभावना है। 2019 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल जैसी कंपनियों पर भारी बकाया है, जिसमें ब्याज और जुर्माने का बड़ा हिस्सा शामिल है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 50% ब्याज और 100% जुर्माना माफ करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, साथ ही जुर्माने पर ब्याज भी माफ करने का विचार हो रहा है। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह टेलीकॉम बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा और इससे टेलीकॉम सेक्टर में दो प्रमुख प्राइवेट कंपनियों का दबदबा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

सूत्रों ने बताया कि अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो टेलीकॉम कंपनियों को 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय राहत मिलेगी। इसमें सबसे ज्यादा फायदा वोडाफोन आइडिया को मिलेगा। इस कंपनी पर सरकार का हजारों करोड़ रुपया बकाया है। प्रस्तावित राहत के तहत वोडाफोन आइडिया का एजीआर बकाया 52,000 करोड़ रुपए से अधिक कम हो सकता है। वित्तीय रूप से मजबूत भारती एयरटेल को करीब 38,000 करोड़ रुपए और टाटा टेलीसर्विसेज को 14,000 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी। रिलायंस जियो पर कोई एजीआर बकाया नहीं है। टाटा टेली अब रिटेल सर्विसेज नहीं देती है बल्कि एंटरप्राइजेज मोबिलिटी सर्विसेज देती है।

बजट में हो सकती है घोषणा

एक सूत्र ने कहा कि इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और कैबिनेट सचिवालय सहित उच्चतम स्तर पर चर्चा की जा रही है। सरकार 1 फरवरी के बजट में इस उपाय की घोषणा करने के लिए काम कर रही है। टेलीकॉम इंडस्ट्री साल 2016 में रिलायंस जियो की एंट्री के बाद से कड़ी प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है। अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के रुख का समर्थन करते हुए टेलीकॉम कंपनियों पर 1.47 लाख करोड़ रुपए का एजीआर बकाया लगाया। इसमें 92,642 करोड़ रुपए लाइसेंस शुल्क और 55,054 करोड़ रुपए स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) शामिल थे। बकाया राशि का लगभग 75% ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज था।

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