भारत बना फास्ट पेमेंट्स का ग्लोबल चैंपियन, UPI से हर महीने होता है इतने अरब ट्रांजैक्शन

Edited By Updated: 21 Jul, 2025 03:46 PM

india becomes global champion of fast payments upi records 18 billion

भारत ने डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की हालिया रिपोर्ट में भारत को “फास्ट पेमेंट्स का ग्लोबल लीडर” घोषित किया गया है। हर महीने 18 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन के साथ भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस...

बिजनेस डेस्कः भारत ने डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की हालिया रिपोर्ट में भारत को “फास्ट पेमेंट्स का ग्लोबल लीडर” घोषित किया गया है। हर महीने 18 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन के साथ भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है।

जून 2025 के आंकड़े

  • 18.39 अरब ट्रांजेक्शन, कुल मूल्य: ₹24.03 लाख करोड़
  • एक साल में ट्रांजेक्शन में 32% की वृद्धि
  • भारत के कुल डिजिटल पेमेंट्स का 85% हिस्सा अब UPI के ज़रिए

सफलता की कहानी

2016 में लॉन्च हुए UPI ने आज 491 मिलियन यूजर्स और 65 मिलियन व्यापारियों को जोड़ा है। इससे जुड़े 675 बैंक किसी भी बैंक से पेमेंट को तुरंत संभव बनाते हैं। आज भारत के गांव से लेकर मेट्रो सिटी तक हर कोई UPI से पेमेंट कर रहा है — चाहे वो चाय वाला हो या ऑनलाइन रिटेलर।

वैश्विक पहचान

UPI अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। यह 7 देशों – UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस में भी इस्तेमाल हो रहा है। फ्रांस के ज़रिए UPI ने यूरोप में भी एंट्री कर ली है। भारत अब BRICS देशों में भी UPI को एक साझा मानक के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है।

जन धन और डिजिटल आधार

UPI की सफलता के पीछे मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और जन धन योजना जैसे अभियानों की बड़ी भूमिका है। जुलाई 2025 तक 55.83 करोड़ जन धन खाते खुल चुके हैं, जो वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!