Budget 2025: बीमा कंपनियों को बजट 2025-26 में कर रियायतों और आर्थिक समर्थन की उम्मीद

Edited By Updated: 30 Jan, 2025 12:39 PM

insurance companies expect tax concessions and financial support

बीमा कंपनियों को उम्मीद है कि आगामी आम बजट 2025-26 में उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के लिए कर रियायतों और अन्य लाभों का प्रावधान मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इस बीच एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ...

बिजनेस डेस्कः बीमा कंपनियों को उम्मीद है कि आगामी आम बजट 2025-26 में उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों के लिए कर रियायतों और अन्य लाभों का प्रावधान मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इस बीच एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ नवीन चंद्र झा ने 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘बीमा सुगम’ जैसी पहलों के लिए नियामकीय और आर्थिक समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया है। वहीं, पॉलिसी बाजार और पैसा बाजार की मूल कंपनी पीबीफिनटेक के संयुक्त समूह सीईओ सरबवीर सिंह ने बीमा क्षेत्र में धारा 80सी और 80डी के तहत कर नियमों में संशोधन की मांग की है।

उन्होंने कहा, “बीमा क्षेत्र में सबसे जरूरी सुधारों में से एक धारा 80सी और 80डी के तहत कर नियमों में बदलाव की जरूरत है। 80सी के तहत फिलहाल भुगतान की सीमा 1,50,000 रुपए है, जो पिछले कुछ सालों से बदली नहीं है। इसमें पीपीएफ और कर्ज जैसी दूसरी जरूरी चीजों को भी शामिल किया गया है, जिससे लोगों के पास अपने महत्वपूर्ण वित्तीय फैसलों के लिए कम गुंजाइश बचती है।” 

बजाज अलायंज लाइफ के एमडी और सीईओ तरुण चुघ ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि बीमा क्षेत्र के लिए वित्तीय मजबूती बढ़ाने के लिए कई अवसर प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा, “जीवन बीमा वार्षिकी उत्पादों की कर कटौती को राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के साथ जोड़ने और वार्षिकी उत्पादों के मूल घटक पर कर के मुद्दे को हल करने से सेवानिवृत्ति की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा सकता है।”

बीमा पहुंच घटी 

भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देश की बीमा पहुंच 2022-23 में चार प्रतिशत की तुलना में 2023-24 में 3.7 प्रतिशत थी। जीवन बीमा उद्योग की पहुंच 2022-23 में तीन प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 2023-24 के दौरान 2.8 प्रतिशत हो गई। गैर-जीवन बीमा उद्योग के संबंध में पहुंच 2023-24 के दौरान एक प्रतिशत पर समान रही। इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ सुब्रत मंडल ने कहा कि केंद्रीय बजट सरकार को सुधारों को लागू करने का एक आवश्यक अवसर प्रदान करता है, जो उद्योग की चुनौतियों का समाधान कर सकता है और बीमा उत्पादों को व्यापक रूप से अपनाने को प्रोत्साहित कर सकता है। पीएनबी मेटलाइफ के एमडी एवं सीईओ समीर बंसल ने कहा कि आगामी बजट के लिए हमारी एक उम्मीद पेंशन और वार्षिकी योजनाओं के लिए समर्थन को लेकर है।
 

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