Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Feb, 2026 01:57 PM

रोजमर्रा की जरूरत की चीजों—जैसे साबुन, खाने का तेल, बिस्किट और पैक्ड फूड—की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आ सकती है। देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों के ताजा बयानों से संकेत मिले हैं कि आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव कम हो सकता है।
बिजनेस डेस्कः रोजमर्रा की जरूरत की चीजों—जैसे साबुन, खाने का तेल, बिस्किट और पैक्ड फूड—की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आ सकती है। देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों के ताजा बयानों से संकेत मिले हैं कि आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव कम हो सकता है।
कंपनियों का कहना है कि हाल के महीनों में कच्चे माल की ऊंची कीमतों के कारण लागत बढ़ गई थी लेकिन अब हालात में सुधार दिख रहा है। खाद्य तेल, गेहूं, नारियल और कुछ अहम केमिकल्स की कीमतों में नरमी आई है, जिससे उत्पादन लागत पर दबाव घटा है। अगर यह रुझान जारी रहता है तो कंपनियों को कीमतें बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि कुछ मामलों में राहत भी मिल सकती है।
बिक्री बढ़ाकर ग्रोथ की तैयारी
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगले वित्त वर्ष में कंपनियां कीमत बढ़ाने के बजाय बिक्री की मात्रा (वॉल्यूम ग्रोथ) पर फोकस करेंगी। अच्छी फसल, बढ़ा हुआ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और जीएसटी में संभावित सुधार से ग्रामीण और शहरी मांग में तेजी आने की उम्मीद है। इससे बाजार में रौनक लौट सकती है।
कंपनियों के क्या संकेत?
Dabur India के सीईओ मोहित मल्होत्रा ने कहा है कि महंगाई धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है और कुछ कच्चे माल की कीमतें घटी हैं। वहीं Marico और Britannia Industries के प्रबंधन ने भी संकेत दिए हैं कि फिलहाल कीमतें स्थिर हैं और मांग में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
हालांकि, तुरंत बड़े पैमाने पर दाम घटने की उम्मीद करना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन तस्वीर साफ है- अगर कच्चे माल की कीमतें नियंत्रित रहीं और मांग मजबूत बनी रही, तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।