Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Oct, 2026 11:13 AM

दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) पर साइबर हमले की खबर से क्रिप्टो मार्केट में हड़कंप मच गया है। हमले की आशंका के बीच कंपनी ने एहतियातन डिपॉजिट और विड्रॉल सेवाओं पर रोक लगा दी है। इस खबर के सामने आते ही
नई दिल्लीः दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) पर साइबर हमले की खबर से क्रिप्टो मार्केट में हड़कंप मच गया है। हमले की आशंका के बीच कंपनी ने एहतियातन डिपॉजिट और विड्रॉल सेवाओं पर रोक लगा दी है। इस खबर के सामने आते ही निवेशकों में घबराहट बढ़ गई और Bitcoin की कीमत में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Binance ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी घटना की पुष्टि की है। कंपनी का कहना है कि अब तक करीब 2.54 अरब डॉलर मूल्य की डिजिटल संपत्तियों को फ्रीज किया जा चुका है। यह रकम आगे और बढ़ सकती है। कंपनी की टेक्निकल और सिक्योरिटी टीमें मामले की जांच कर रही हैं और फंड की सुरक्षा के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
CZ ने यूजर्स के फंड सुरक्षित होने का किया दावा
बाइनेंस के सह-संस्थापक चांगपेंग झाओ (CZ) ने भी साइबर हमले की आशंका जताई है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि यूजर्स की जमा पूंजी सुरक्षित है। कंपनी ने यह भी कहा है कि यदि इस घटना के कारण किसी निवेशक को आर्थिक नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई की जाएगी।
इस बीच, ब्लॉकचेन एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म Arkham ने कुछ संदिग्ध क्रिप्टो वॉलेट्स की पहचान की है। इन वॉलेट्स में करीब 5.9 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति होने का अनुमान है। हालांकि, इन सभी फंड्स का Binance से संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Tether और Circle ने भी उठाए कदम
चोरी की गई क्रिप्टो संपत्तियों को आगे ट्रांसफर होने से रोकने के लिए स्टेबलकॉइन कंपनियां भी सक्रिय हो गई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, Tether ने हमले से जुड़े संदिग्ध लेनदेन के तहत 1.5 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के USDT टोकन फ्रीज किए हैं। वहीं, Circle ने भी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े करीब 80 करोड़ डॉलर के फंड को ब्लॉक किया है।
इस घटना ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों की साइबर सुरक्षा और निवेशकों के डिजिटल फंड की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हमले की पूरी जानकारी और नुकसान का वास्तविक आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।