Edited By jyoti choudhary,Updated: 30 Oct, 2026 04:42 PM

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा शाखा में करोड़ों रुपए की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राहकों की जानकारी और मंजूरी के बिना उनके फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सेविंग अकाउंट से रकम निकाल ली गई। इस
नई दिल्लीः पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ग्रेटर नोएडा शाखा में करोड़ों रुपए की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राहकों की जानकारी और मंजूरी के बिना उनके फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सेविंग अकाउंट से रकम निकाल ली गई। इस मामले में कुल धोखाधड़ी का अनुमान 35 करोड़ रुपए से अधिक लगाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की FIR में 21 पीड़ितों के खातों से 11.24 करोड़ से 12 करोड़ रुपए से अधिक की हेराफेरी का जिक्र है।
बैंक ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि जांच और सत्यापन के बाद सभी वैध दावों का भुगतान किया जाएगा। बैंक के मुताबिक, अब तक तीन ग्राहकों के करीब 43 लाख रुपए के दावों का निपटारा किया जा चुका है।
सालों से चल रही थी कथित धोखाधड़ी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस शाखा में वित्तीय अनियमितताओं का सिलसिला साल 2012 से चल रहा था। वहीं, कुछ आरोपों के मुताबिक, 2023 से बैंक के कुछ कर्मचारी मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। इसमें मुख्य रूप से ग्रामीणों और किसानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मिला था।
आरोप है कि ग्राहकों को पासबुक अपडेट कराने से रोका जाता था। कभी पैन कार्ड में खराबी, कभी अकाउंट ब्लॉक होने और कभी दोबारा KYC कराने का बहाना बनाकर उन्हें वापस भेज दिया जाता था। इससे खातों में हो रही गड़बड़ी लंबे समय तक सामने नहीं आ सकी।
ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारी सस्पेंड
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं। ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। बैंक ने संदिग्ध लेनदेन और फंड की जांच भी शुरू की है।
PNB ने कहा है कि वह धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैंक ने प्रभावित ग्राहकों को आश्वासन दिया है कि उनके दावों का सत्यापन पूरा होने के बाद नियमानुसार भुगतान किया जाएगा।