Edited By jyoti choudhary,Updated: 02 Jan, 2026 10:42 AM

साल के दूसरे दिन सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। MCX पर आज (2 जनवरी) सोने का भाव 1,36,599 रुपए प्रति 10 ग्राम पर है। चांदी की कीमत 2.75 फीसदी की तेजी के साथ 2,42,349 रुपए प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में भी दोनों...
बिजनेस डेस्कः साल के दूसरे दिन सोने-चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। MCX पर आज (2 जनवरी) सोने का भाव 1,36,599 रुपए प्रति 10 ग्राम पर है। चांदी की कीमत 2.75 फीसदी की तेजी के साथ 2,42,349 रुपए प्रति किलोग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के भाव में तेजी जारी है।
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कीमती धातुओं की चमक नए साल 2026 में भी बरकरार है। 2025 में रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बाद सोना और चांदी ने 2026 के पहले कारोबारी सप्ताह में भी मजबूती जारी रखी है। शुक्रवार, 2 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड का भाव 0.9 फीसदी की तेजी के साथ 4,351.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर का भाव 2 फीसदी उछलकर 72.63 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
सोना नए साल के पहले दिन मजबूत, चांदी फिसली
नए साल के पहले दिन बृहस्पतिवार को सोने में मजबूती रही और यह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 640 रुपए बढ़कर 1,38,340 रुपए प्रति 10 ग्राम रहा। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी। बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,37,700 रुपए ये प्रति 10 ग्राम रही थी।। हालांकि, चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी रही। यह 1,600 रुपए टूटकर 2,37,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) रही, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,39,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। बीते वर्ष के दौरान सोने और चांदी दोनों में तेजी शानदार रही।
सोने ने 73.45 प्रतिशत का लाभ दिया। इस बीच, चांदी ने लगभग 164 प्रतिशत की बढ़त के साथ सोने से बेहतर प्रदर्शन किया। परिदृश्य के संदर्भ में, मेहता इक्विटीज के उपाध्यक्ष (जिंस) राहुल कलंत्री ने कहा, ‘‘वर्ष 2026 में, सोने और चांदी की कीमतों के लिए मुख्य उत्प्रेरक वृहद आर्थिक आंकड़े, मौद्रिक और भू-राजनीतिक तत्वों का मिश्रण होगा। इसमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व से ब्याज दर को लेकर उम्मीदें, डॉलर की मजबूती या उसकी कमजोरी शामिल हैं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी के निर्यात पर चीन के नए नियंत्रण से भी वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ने और निकट अवधि में सर्राफा कीमतों को दिशा तय होने की उम्मीद है।