Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Jan, 2026 12:25 PM
1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 से पहले उपभोक्ताओं की उम्मीदें जहां इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ता होने की हैं, वहीं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इसके उलट संकेत दे रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती...
बिजनेस डेस्कः 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 से पहले उपभोक्ताओं की उम्मीदें जहां इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ता होने की हैं, वहीं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इसके उलट संकेत दे रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग के कारण मेमोरी चिप्स महंगी हो रही हैं, जिसका सीधा असर स्मार्टफोन, टीवी और लैपटॉप की कीमतों पर पड़ सकता है।
इंडस्ट्री का अनुमान है कि अगले दो महीनों में इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतें 4 से 8 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। इससे पहले नवंबर-दिसंबर में ही स्मार्टफोन की कीमतें 3 से 21 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि 2026 में कीमतों में बढ़ोतरी हर तिमाही या हर महीने देखने को मिल सकती है।
मेमोरी मार्केट ‘हाइपर-बुल’ फेज में
मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, मेमोरी चिप्स का बाजार इस समय “हाइपर-बुल” फेज में है। पिछली तिमाही में चिप्स की कीमतें करीब 50 फीसदी बढ़ीं, मौजूदा तिमाही में 40–50 फीसदी और बढ़ने का अनुमान है, जबकि अप्रैल-जून तिमाही में कीमतों में 20 फीसदी और इजाफा हो सकता है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक, जनवरी में Vivo और Nothing जैसे ब्रांड्स ने अपने स्मार्टफोन्स की कीमतें 3,000 से 5,000 रुपए तक बढ़ा दी हैं। वहीं Samsung जैसी कंपनियां सीधे दाम बढ़ाने के बजाय कैशबैक और डिस्काउंट घटाकर इनडायरेक्ट तरीके से कीमतें बढ़ा रही हैं।
सप्लाई बनी बड़ी चुनौती
एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी चिप्स की सप्लाई आने वाले साल में भी चुनौती बनी रहेगी। तरुण पाठक का कहना है कि 2026 और उसके बाद भी चिप्स महंगी रह सकती हैं। ऐसे में नई लॉन्चिंग में कंपनियां कीमतें बढ़ा सकती हैं या फिर ‘श्रिंकफ्लेशन’ अपना सकती हैं यानी डिस्प्ले या अन्य कंपोनेंट्स की क्वालिटी में हल्की कटौती।
टीवी ब्रांड Kodak, Thomson और Blaupunkt बेचने वाली Super Plastronics को अपने मेमोरी चिप्स ऑर्डर का सिर्फ 10 फीसदी ही मिल पा रहा है।
कीमतें और बढ़ाने की तैयारी
Super Plastronics के CEO अवनीत सिंह मारवाह ने बताया कि नवंबर में कीमतें 7 फीसदी बढ़ाई गईं, जनवरी में 10 फीसदी और बढ़ रही हैं, जबकि फरवरी में 4 फीसदी अतिरिक्त बढ़ोतरी की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली गणतंत्र दिवस सेल में डिस्काउंट्स काफी सीमित रहेंगे।
रिटेल चैनल्स के मुताबिक, लैपटॉप की कीमतें पहले ही 5–8 फीसदी बढ़ चुकी हैं और बड़ी टीवी कंपनियों ने भी जल्द दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। Great Eastern Retail के डायरेक्टर पुलकित बैद ने कहा कि इस बढ़ोतरी का असर मांग पर तुरंत दिखेगा।
बिक्री में आ सकती है गिरावट
ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) के अनुसार, नवंबर-दिसंबर में स्मार्टफोन की कीमतें 3 से 21 फीसदी तक बढ़ीं। AIMRA का कहना है कि आने वाले महीनों में कुल मिलाकर कीमतें 30 फीसदी तक बढ़ सकती हैं।
AIMRA के चेयरमैन कैलाश लख्यानी के मुताबिक, कीमतों में तेज उछाल से स्मार्टफोन बाजार में 10–12 फीसदी तक गिरावट आ सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर 20,000 रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स पर पड़ेगा, जो भारत का सबसे बड़ा सेगमेंट है। ग्राहक फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ मोड में हैं।
काउंटरपॉइंट रिसर्च ने भी चेतावनी दी है कि 2026 में स्मार्टफोन की बिक्री में गिरावट पहले अनुमानित 2 फीसदी से ज्यादा हो सकती है। इसकी बड़ी वजह मेमोरी चिप्स की कीमतों में उछाल, हैंडसेट महंगे होना और रुपए की कमजोरी है।