Moody's ने कहा- नया निवेश नहीं मिला, तो अगले दो साल में भारत में बैंकों की पूंजी घटेगी

Edited By Updated: 01 Dec, 2020 12:00 PM

moody s said if new investment is not received

कोरोना संकट के बीच एक और परेशानी पैदा करने वाली खबर सामने आई है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र के बैंकों के लिए अगले दो साल काफी मुश्किल भरे होंगे। इस दौरान उनकी पूंजी में गिरावट दर्ज की जाएगी। एजेंसी ने भारत को लेकर कहा है

बिजनेस डेस्कः कोरोना संकट के बीच एक और परेशानी पैदा करने वाली खबर सामने आई है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र के बैंकों के लिए अगले दो साल काफी मुश्किल भरे होंगे। इस दौरान उनकी पूंजी में गिरावट दर्ज की जाएगी। एजेंसी ने भारत को लेकर कहा है कि अगर भारतीय बैंकों को सार्वजनिक या निजी क्षेत्र से नया निवेश नहीं मिला तो उनकी पूंजी सबसे तेजी से कम होगी।

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एजेंसी ने कहा कि उभरते बाजारों में बैंकों के लिए संपत्ति की अनिश्चित गुणवत्ता बड़ी चुनौती है। इसका कारण कोरोना संकट के चलते बनी परिस्थितियों का चुनौतीपूर्ण होना है। मूडीज ने कहा है कि उभरते बाजारों में 2021 के लिए बैंकों का परिदृश्य निगेटिव है। इसके उलट इंश्‍योरेंस कंपनियों के लिए यह स्थिर बना रहेगा।

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एशिया प्रशांत क्षेत्र में बैंकों की बढ़ती नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स और इंश्‍योरेंस कंपनियों का उतार-चढ़ाव वाला निवेश पोर्टफोलियो चिंता का विषय है। अगले दो साल के दौरान एशिया में बैंकों की पूंजी घटेगी। नया निवेश नहीं मिलने पर भारत के साथ ही श्रीलंका के बैंकों की पूंजी भी तेजी से गिरेगी। केयर रेटिंग्‍स ने कहा कि वैश्विक महामारी से पैदा हुई अनिश्चिता के चलते बैंकों के कर्ज कारोबार की वृद्धि दर नरम रहने का अनुमान है।
  

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