Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Aug, 2026 12:02 PM

Tata Group Stocks down: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद बुधवार, 12 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में टाटा ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। चंद्रशेखरन ने 18 अगस्त को होने वाली आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) से
Tata Group Stocks down: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद बुधवार, 12 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में टाटा ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। चंद्रशेखरन ने 18 अगस्त को होने वाली आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) से ठीक पहले अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद समूह की दिग्गज कंपनी TCS के शेयर 4% से अधिक टूट गए, वहीं टाटा मोटर्स का शेयर भी 2.8% से अधिक नीचे आ गया।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चंद्रशेखरन के फैसले से टाटा समूह की कंपनियों के रोजमर्रा के कारोबार पर तत्काल किसी बड़े असर की आशंका नहीं है।
टाटा ग्रुप के शेयर कितने गिरे?
TCS: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर में 4% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। शेयर ₹2,440 के पिछले बंद स्तर से गिरकर ₹2,322 के निचले स्तर तक पहुंच गया।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स: शेयर में 3% से ज्यादा की गिरावट रही। ₹349 के पिछले बंद भाव के मुकाबले शेयर ₹335 तक फिसल गया।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: कंपनी के शेयर में करीब 3% की कमजोरी रही। शेयर ₹1,088 से गिरकर ₹1,057 के स्तर तक पहुंच गया।
टाटा कम्युनिकेशंस: शेयर 2% से ज्यादा गिरा और ₹1,747 के पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹1,710 तक पहुंच गया।
टाटा स्टील: शेयर में 1% से ज्यादा की गिरावट रही। ₹188.40 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले यह ₹185.75 के निचले स्तर तक गया।
टाटा पावर: कंपनी का शेयर भी 1% से ज्यादा कमजोर रहा और ₹380 के पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹375.20 तक गिरा।
टाइटन: टाइटन के शेयर में भी 1% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। सत्र के दौरान शेयर ₹5,115 के पिछले बंद स्तर से गिरकर ₹5,047 तक पहुंच गया।
चंद्रशेखरन ने इस्तीफे पर क्या कहा?
इस्तीफे के बाद एन. चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था लेकिन इस मुद्दे पर सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने कहा कि वह 20 फरवरी 2027 को अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे और इसके बाद चेयरमैन पद के लिए दोबारा नियुक्ति नहीं मांगेंगे।