Veg-Nonveg Thali: आम लोगों के लिए राहत भरी खबर, सस्ती हुई नॉन-वेज थाली

Edited By Updated: 07 Apr, 2026 04:01 PM

non veg thali becomes cheaper crisil report

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और महंगाई के दबाव के बीच आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। क्रिसिल (CRISIL) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में घर पर बनने वाली नॉन-वेज थाली की कीमत में पिछले साल के मुकाबले करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई है,...

बिजनेस डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और महंगाई के दबाव के बीच आम लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। क्रिसिल (CRISIL) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में घर पर बनने वाली नॉन-वेज थाली की कीमत में पिछले साल के मुकाबले करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि शाकाहारी थाली की लागत लगभग स्थिर बनी रही।

Crisil रिपोर्ट में खुलासा

CRISIL Intelligence की ‘रोटी राइस रेट’ रिपोर्ट के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों—उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत—में खाद्य सामग्री की कीमतों के आधार पर थाली की औसत लागत का आकलन किया गया। रिपोर्ट बताती है कि आम उपभोक्ता की थाली की कीमतों पर अनाज, दाल, सब्जियां, ब्रॉयलर चिकन और मसालों की कीमतों का सीधा असर पड़ता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान आलू, प्याज और दालों की कीमतों में आई गिरावट ने टमाटर, खाने के तेल और ईंधन की बढ़ती लागत के असर को संतुलित कर दिया। हालांकि मार्च में टमाटर की कीमतों में करीब 33%, कुकिंग गैस में 14% और खाद्य तेल में 6% तक की बढ़ोतरी हुई लेकिन सस्ती सब्जियों ने कुल खर्च को नियंत्रित रखा।

क्यों सस्ती हुई नॉन-वेज थाली?

नॉन-वेज थाली के सस्ता होने की एक बड़ी वजह ब्रॉयलर चिकन की कीमतों में आई करीब 2% की गिरावट भी रही। विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च में नवरात्रि के चलते चिकन की मांग में कमी आई, जिससे कीमतों पर दबाव बना। इसके अलावा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में पोल्ट्री कंपनियों और रिटेलर्स के बीच मार्जिन विवाद ने भी कीमतों को नीचे लाने में भूमिका निभाई।

आलू-प्याज में गिरावट की वजह

वहीं, आलू और प्याज की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मार्च में आलू करीब 13% और प्याज करीब 25% तक सस्ता हुआ। इसकी मुख्य वजह बाजार में इन फसलों की बंपर आवक और निर्यात में आई बाधाओं के चलते बढ़ा घरेलू स्टॉक रहा। कोल्ड स्टोरेज और मंडियों से पुराने स्टॉक निकलने से भी कीमतों में नरमी आई।

कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव और बढ़ती महंगाई के बीच यह रिपोर्ट संकेत देती है कि कुछ जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी ने आम आदमी की थाली का खर्च संतुलित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
 

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