Share Market Crash Today: शेयर बाजार में मचा कोहराम, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़ों

Edited By Updated: 02 Mar, 2026 10:45 AM

chaos in the stock market investors lost millions of crores

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आया। बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई और शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा।

बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आया। बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई और शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा। Bombay Stock Exchange (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2,743.46 अंक यानी 3.30% टूटकर 78,543.73 पर खुला, जो दिन का निचला स्तर भी रहा। यह स्तर करीब 11 महीनों का लोअर लेवल माना जा रहा है। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी आई और सुबह 9:35 बजे सेंसेक्स 705 अंक की गिरावट के साथ 80,582.13 पर कारोबार करता दिखा।

वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 533.55 अंक टूटकर 24,645.10 के निचले स्तर तक फिसला। ओपनिंग 24,659.25 पर हुई थी। सुबह 9:40 बजे तक निफ्टी 232.55 अंक की गिरावट के साथ 24,945.10 पर ट्रेड कर रहा था।

किन शेयरों में ज्यादा गिरावट

सेंसेक्स पर InterGlobe Aviation (इंडिगो), Larsen & Toubro, Adani Ports & SEZ और Asian Paints 2-4% की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स में रहे। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी करीब 2% टूटा, जबकि ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

वहीं डिफेंस सेक्टर में मजबूती दिखी और Bharat Electronics Limited के शेयर 1% से ज्यादा चढ़े।

तेल बाजार में उछाल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई। Brent Crude करीब 6% चढ़कर 77.08 डॉलर प्रति बैरल और WTI Crude 5.5% बढ़कर 70.71 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सप्लाई बाधित होने की आशंका से बाजार में घबराहट है।

यूके के बड़े बैंक Barclays ने ब्रेंट क्रूड का अनुमान बढ़ाकर 100 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है, जिससे तेल बाजार में और अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है।

निवेशकों को बड़ा झटका

एक कारोबारी दिन पहले यानी 27 फरवरी 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,63,50,671.27 करोड़ था। आज यानी 2 मार्च 2026 को मार्केट खुलते ही यह ₹4,55,70,397.68 करोड़ पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी ₹7,80,273.59 करोड़ घट गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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