Edited By jyoti choudhary,Updated: 03 Oct, 2026 11:29 AM

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों में बढ़ रही ग्राहकों की शिकायतों और शिकायत निवारण व्यवस्था में सामने आ रही कमियों पर चिंता जताई है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को अपने आंतरिक कामकाज और प्रक्रियाओं की खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए...
नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों में बढ़ रही ग्राहकों की शिकायतों और शिकायत निवारण व्यवस्था में सामने आ रही कमियों पर चिंता जताई है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को अपने आंतरिक कामकाज और प्रक्रियाओं की खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के निर्देश दिए हैं।
वित्त वर्ष 2025 में RBI के लोकपाल के पास दर्ज शिकायतों में 13.5% से अधिक की वृद्धि हुई। RBI की चिंता इस बात को लेकर भी है कि कई शिकायतें बैंकों के इंटरनल ओम्बड्समैन तक पहुंचे बिना सीधे केंद्रीय बैंक के पास पहुंच रही हैं।
बार-बार आने वाली शिकायतों की वजह तलाशने को कहा
मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, पिछले महीने हुई बैठक में RBI ने बैंकों से उन बुनियादी, प्रक्रियागत और परिचालन संबंधी कमियों की पहचान करने को कहा, जिनकी वजह से ग्राहकों की शिकायतें पैदा हो रही हैं।
बैंकों को बार-बार सामने आने वाली शिकायतों के मूल कारणों का विश्लेषण करने और ऐसे स्थायी उपाय लागू करने के लिए कहा गया है, जिससे एक ही तरह की समस्याएं दोबारा न हों।
शिकायत निपटारे के लिए ट्रेनिंग पर जोर
अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतों के बेहतर निपटारे के लिए इंडस्ट्री-लेवल ट्रेनिंग प्रोग्राम जैसे कदम उठाने का सुझाव भी दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक बैंक के बोर्ड को RBI के दिशानिर्देशों के अनुरूप अपनी अलग रणनीति तैयार करनी होगी।
इंटरनल ओम्बड्समैन की भूमिका पर RBI की चिंता
जुलाई में बैंकों और RBI से जुड़े अन्य संस्थानों के इंटरनल ओम्बड्समैन की सालाना कॉन्फ्रेंस में डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे. ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने बताया था कि RBI लोकपाल स्तर पर ग्राहकों के पक्ष में सुलझाई गई शिकायतों का एक बड़ा हिस्सा शुरुआत में बैंकों के इंटरनल ओम्बड्समैन के पास भेजा ही नहीं गया था। उनके मुताबिक, यह गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे इंटरनल ओम्बड्समैन व्यवस्था के उद्देश्य पर सवाल उठता है।