Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Jan, 2026 05:03 PM

सोमवार को रुपए में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 8 पैसे टूटकर 90.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुई। मजबूत अमेरिकी डॉलर और घरेलू शेयर बाजारों की सुस्ती ने रुपए पर दबाव बनाए रखा।
बिजनेस डेस्कः सोमवार को रुपए में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 8 पैसे टूटकर 90.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुई। मजबूत अमेरिकी डॉलर और घरेलू शेयर बाजारों की सुस्ती ने रुपए पर दबाव बनाए रखा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बाद पैदा हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी, जिससे डॉलर मजबूत हुआ। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपए को निचले स्तरों पर कुछ सहारा दिया।
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 90.21 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 90.50 के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह 90.28 पर बंद हुआ। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 22 पैसे की गिरावट के साथ 90.20 पर बंद हुआ था। 30 दिसंबर 2025 के बाद से अब तक रुपए में कुल 53 पैसे की कमजोरी आ चुकी है।
मिराए एसेट शेयरखान के जिंस विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव से डॉलर को मजबूती मिली है, जिससे रुपए पर दबाव बना। हालांकि कच्चे तेल की गिरती कीमतें और हालिया विदेशी पूंजी प्रवाह रुपए को कुछ समर्थन दे सकते हैं। उन्होंने अनुमान जताया कि डॉलर के मुकाबले रुपया 90 से 90.60 के दायरे में रह सकता है।
इस बीच डॉलर सूचकांक 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.39 पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स 322.39 अंक टूटकर 85,439.62 पर और निफ्टी 78.25 अंक गिरकर 26,250.30 पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत फिसलकर 60.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक शुक्रवार को शुद्ध रूप से 289.80 करोड़ रुपए के शेयरों की खरीदारी करते नजर आए।