Indian Currency: डॉलर के मुकाबले रुपए ने बनाया नया रिकॉर्ड लो, कमजोर रुपए के 5 बड़े नुकसान

Edited By Updated: 02 Sep, 2025 11:30 AM

rupee sets new record low against dollar 5 major disadvantages of weak rupee

वैश्विक तनाव और अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ का असर भारतीय रुपए पर साफ दिख रहा है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 88.33 के स्तर पर पहुंच गया, जो शुक्रवार के 88.30 रुपए से भी कमजोर है। यह अब तक का सबसे निचला स्तर है।

बिजनेस डेस्कः वैश्विक तनाव और अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ का असर भारतीय रुपए पर साफ दिख रहा है। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 88.33 के स्तर पर पहुंच गया, जो शुक्रवार के 88.30 रुपए से भी कमजोर है। यह अब तक का सबसे निचला स्तर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 50% टैरिफ लगाने के बाद से रुपए पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसके अलावा आयातकों की हेजिंग मांग और विदेशी निवेशकों (FPI) की सेलिंग ने भी करेंसी को कमजोर किया है।

कोटक सिक्योरिटीज के मुद्रा एवं कमोडिटी रिसर्च प्रमुख अनिद्य बनर्जी का कहना है कि अगर रुपए की दर 88.50 तक जाती है तो आरबीआई के हस्तक्षेप की संभावना है। हालांकि, अगर अमेरिकी टैरिफ में राहत नहीं मिली तो स्थिति और बिगड़ सकती है। रुपए का गिरना देश की इकोनॉमी को आने वाले समय में काफी डेंट पहुंचा सकता है। आइए समझते हैं कि इससे देश को 5 बड़े नुकसान क्या हो सकते हैं।

कमजोर रुपए के 5 बड़े नुकसान

महंगाई पर असर – तेल और गैस जैसे आयात महंगे हो जाएंगे, जिससे ईंधन और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़कर महंगाई को बढ़ाएंगे।
हाई इंपोर्ट कॉस्ट – इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कच्चा माल महंगा होगा, जिससे कंपनियों का मुनाफा घटेगा और ग्राहकों की जेब पर असर पड़ेगा।
ट्रेड डेफिसिट में इजाफा – आयात महंगा होने से देश का व्यापार घाटा बढ़ सकता है।
फॉरेन इन्वेस्टमेंट का पलायन – गिरते रुपए से निवेशक भारतीय शेयर और बॉन्ड मार्केट से पैसा निकाल सकते हैं।
कॉर्पोरेट कर्ज पर दबाव – विदेशी मुद्रा में लिया गया कर्ज चुकाने के लिए कंपनियों को ज्यादा रुपये देने पड़ेंगे, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति कमजोर हो सकती है।

 

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