भारत में स्मार्टफोन बने शीर्ष निर्यात वस्तु, FY25 में पेट्रोलियम और हीरे को भी पछाड़ा

Edited By Updated: 19 May, 2025 03:54 PM

smartphones become top export item in india surpassing petroleum

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में स्मार्टफोन निर्यात ने पारंपरिक निर्यात क्षेत्रों जैसे पेट्रोलियम उत्पादों और हीरे को पीछे छोड़ते हुए वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में देश की शीर्ष निर्यात वस्तु का दर्जा हासिल कर लिया है। पिछले तीन वर्षों में अमेरिका...

बिजनेस डेस्कः सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में स्मार्टफोन निर्यात ने पारंपरिक निर्यात क्षेत्रों जैसे पेट्रोलियम उत्पादों और हीरे को पीछे छोड़ते हुए वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में देश की शीर्ष निर्यात वस्तु का दर्जा हासिल कर लिया है। पिछले तीन वर्षों में अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात में 5 गुना और जापान को 4 गुना तक की तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है।

वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का स्मार्टफोन निर्यात $15.57 अरब था, जो 2024-25 में बढ़कर $24.14 अरब हो गया यानी 55% की सालाना वृद्धि। यह आंकड़ा FY22-23 में $10.96 अरब था।

वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "यह तेजी से हुआ बदलाव स्मार्टफोन को भारत की शीर्ष निर्यात वस्तु बना रहा है, जो पहली बार पेट्रोलियम और हीरे जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को पीछे छोड़ चुका है।"

किन देशों को बढ़ा निर्यात?

FY25 में जिन देशों में भारत ने स्मार्टफोन निर्यात में सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की, वे हैं:

  • संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
  • नीदरलैंड्स
  • इटली
  • जापान
  • चेक गणराज्य

अमेरिका को निर्यात 2022-23 में $2.16 अरब से बढ़कर 2024-25 में $10.6 अरब हो गया।
जापान को निर्यात $120 मिलियन से बढ़कर $520 मिलियन तक पहुंच गया।

निर्यात में बड़ी कंपनियों की भूमिका

मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint की ‘Make in India’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत से होने वाले कुल स्मार्टफोन निर्यात में Apple और Samsung की हिस्सेदारी लगभग 94% रही। दोनों कंपनियों ने भारत में अपने लोकल मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन्स का तेज़ी से विस्तार किया है।

2024 में भारत में बने स्मार्टफोन के शिपमेंट में 6% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, और 2025 में दो अंकों की ग्रोथ की संभावना जताई जा रही है।

नीति का प्रभाव

इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम की अहम भूमिका रही है। इस योजना ने निवेश को आकर्षित किया, देश में स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दिया, और भारत को वैश्विक मूल्य श्रृंखला (global value chain) में मजबूती से शामिल किया है।

भारत अब न केवल स्मार्टफोन उपभोग में आगे है, बल्कि एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में भी उभर कर सामने आया है।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!