Edited By Pardeep,Updated: 12 Mar, 2026 12:03 AM

मध्य पूर्व में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संभावित खतरे के बीच भारत ने कच्चे तेल और गैस की सप्लाई के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश लिए हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार देश की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है और बड़ी मात्रा में तेल दूसरे...
नेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संभावित खतरे के बीच भारत ने कच्चे तेल और गैस की सप्लाई के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश लिए हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार देश की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है और बड़ी मात्रा में तेल दूसरे मार्गों से भारत पहुंच रहा है।
Ministry of Petroleum and Natural Gas (India) के अधिकारियों ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 70 फीसदी कच्चा तेल वैकल्पिक रास्तों से मंगा रहा है और स्थिति को और मजबूत करने के लिए दो अतिरिक्त कार्गो भी भारत की ओर आ रहे हैं।
भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई सुरक्षित
पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनिंग) सुजाता शर्मा ने बताया कि मौजूदा हालात के बावजूद भारत में कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत में रोजाना करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत होती है। सामान्य तौर पर इस तेल का बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है, लेकिन संभावित रुकावट को देखते हुए सरकार ने पहले ही वैकल्पिक स्रोतों और मार्गों से तेल खरीदना शुरू कर दिया है। शर्मा ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में देश में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर किसी तरह की कमी होने की आशंका नहीं है।
दूसरे रास्तों से LNG की खरीद
सप्लाई में किसी तरह की रुकावट से बचने के लिए गैस कंपनियों ने भी कदम उठाए हैं। कंपनियां अब दूसरे समुद्री मार्गों से Liquefied Natural Gas (LNG) के कार्गो खरीद रही हैं। सरकार ने सप्लाई को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर भी जारी किया है। इसके तहत गैस की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखी जा रही है ताकि जरूरत वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा सके।
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कर रही काम
ऊर्जा कंपनियों के अनुसार देश की रिफाइनरियां फिलहाल पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हालांकि स्थिति को संतुलित रखने के लिए रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल यूनिट्स अपने इस्तेमाल में लगभग 35 फीसदी तक कटौती कर सकती हैं, ताकि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पर्याप्त सप्लाई मिलती रहे।
LPG के लिए भी सरकार ने उठाए कदम
भारत अपनी कुल Liquefied Petroleum Gas (LPG) जरूरत का करीब 60 फीसदी आयात करता है और इसमें से लगभग 90 फीसदी सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आती है। घरेलू सप्लाई बिना बाधा जारी रखने के लिए सरकार ने 8 मार्च को एक आदेश जारी कर कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि खाड़ी क्षेत्र से सप्लाई प्रभावित होने पर भी देश में कुकिंग गैस की कमी न हो।
घबराने की जरूरत नहीं: सरकार
पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में लोगों से अपील की कि कुकिंग गैस सिलेंडर की पैनिक बुकिंग करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि घरेलू LPG सिलेंडर की सामान्य डिलीवरी साइकिल लगभग ढाई दिन की है और यह व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। शर्मा ने बताया कि कुछ जगहों पर गलत जानकारी की वजह से लोग जल्दबाजी में सिलेंडर बुक कर रहे हैं या जमा कर रहे हैं, लेकिन ऐसी कोई जरूरत नहीं है।
जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती
मंत्रालय ने राज्य सरकारों से भी कहा है कि वे ईंधन की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं। सरकार का कहना है कि इन सभी उपायों का मकसद खाड़ी क्षेत्र से होने वाले सप्लाई झटकों से घरेलू उपभोक्ताओं और जरूरी सेक्टरों को सुरक्षित रखना है, ताकि देश में तेल और गैस की उपलब्धता पर कोई बड़ा असर न पड़े।