Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Jun, 2026 12:07 PM

देश में सोने का आयात मई में सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 3.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इसी अवधि में चांदी के आयात में 86.65 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। वाणिज्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। सरकार ने कीमती धातुओं पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से...
बिजनेस डेस्कः देश में सोने का आयात मई में सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 3.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इसी अवधि में चांदी के आयात में 86.65 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। वाणिज्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। सरकार ने कीमती धातुओं पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया, जो 13 मई से प्रभावी हुआ।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में चांदी का आयात घटकर 7.55 करोड़ डॉलर रह गया, जबकि पिछले वर्ष मई में यह 56.62 करोड़ डॉलर था। सोने के आयात में वृद्धि के चलते मई में देश का व्यापार घाटा बढ़कर 28.21 अरब डॉलर हो गया। राष्ट्रीय राजधानी में सोना लगभग 1,60,000 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के स्तर के आसपास पहुंच गया है, जबकि चांदी की कीमत लगभग 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रही।
स्विट्जरलैंड सोना आयात का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (16 प्रतिशत से अधिक) और दक्षिण अफ्रीका (लगभग 10 प्रतिशत) का स्थान है। स्विट्जरलैंड से मई में सोने का आयात 57.73 प्रतिशत घट गया, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में इसमें 20.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कीमती धातुएं देश के कुल आयात का पांच प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखती हैं।
सोना आयात अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान 60.14 प्रतिशत बढ़कर 9.04 अरब डॉलर हो गया, जबकि चांदी आयात में लगभग 33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सोने का आयात वित्त वर्ष 2025-26 में 24 प्रतिशत बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर 71.98 अरब डॉलर पर रहा था। हालांकि, मात्रा के हिसाब से इसमें 4.76 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 721.03 टन रहा। भारत दुनिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा स्वर्ण उपभोक्ता है।