Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Sep, 2023 06:27 PM

डीजल से चलने वाली नई कारों का दौर अभी और जारी रहेगा। टाटा मोटर्स का कहना है कि यह अपनी मौजूदा मॉडल एल्टोज, हैरियर, सफारी और नेक्सॉन का डीजल वर्जन लाना जारी रखेगी। डीजल वैरिएंट्स कब तक आएगा, इसे लेकर टाटा मोटर्स के एमडी (पैसेंजर वेईकल्स और
बिजनेस डेस्कः डीजल से चलने वाली नई कारों का दौर अभी और जारी रहेगा। टाटा मोटर्स का कहना है कि यह अपनी मौजूदा मॉडल एल्टोज, हैरियर, सफारी और नेक्सॉन का डीजल वर्जन लाना जारी रखेगी। डीजल वैरिएंट्स कब तक आएगा, इसे लेकर टाटा मोटर्स के एमडी (पैसेंजर वेईकल्स और पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी) शैलेश चंद्र का कहना है कि जब तक बाजार में इसकी मांग रहेगी और इस पर सरकार की तरफ से रोक नहीं लगती है। शैलेश के मुताबिक कंपनी का लक्ष्य 2040 तक नेट जीरो होने का है यानी कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को जल्द से जल्द अपनाना होगा लेकिन हजारों लोग डीजल वर्जन खरीदना चाह रहे हैं तो कंपनी इसका उत्पादन जारी रखेगी।
अहम समय पर आई है टाटा मोटर्स के एमडी की टिप्पणी
शैलेश चंद्र की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कुछ दिन पहले केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ऑटो इंडस्ट्री को डीजल से चलने वाली गाड़ियों को उत्पादन बंद करने को कहा था। उन्होंने कहा कि वह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सभी प्रकार की डीजल गाड़ियों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त टैक्स लगाने का अनुरोध करेंगे। हालांकि आधे ही घंटे में नितिन गडकरी ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल इस प्रकार के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं हो रहा है।
कब तक आती रहेंगी डीजल से चलने वाली कारें
शैलेश चंद्र का कहना है कि इससे पहले डीजल से चलने वाली कई यात्री गाड़ियां चरणबद्ध तरीके से मार्केट से बाहर हो चुकी हैं। अब आगे की बात करें तो जब नियम इतने सख्त हो जाएं कि मौजूदा पावरट्रेन मौजूद न रह सकें तो टाटा मोटर्स भी इसे अपानएगी। टाटा मोटर्स की मौजूदा डीजल गाड़ियों की बात करें तो अभी कुछ ही सेगमेंट में इसके डीजल मॉडल हैं और बीएस-6 के बाद इनके दबाव में आने के आसार हैं। इस प्रकार शैलेश के मुताबिक मार्केट की जरूरतों और सरकारी नियमों से डीजल गाड़ियों का भविष्य तय होगा। महिंद्रा एंड महिंद्रा और टोयोटा मोटर पहले ही कह चुकी हैं वे डीजल इंजन वाली गाड़ियों को अभी बंद नहीं करेंगी।