Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Jan, 2026 01:28 PM
बीएसई का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स ने साल 2025 का अंत 7,082 अंकों यानी 9.1 फीसदी की बढ़त के साथ 85,221 के स्तर पर किया। इसके साथ ही सेंसेक्स ने लगातार दसवां कैलेंडर वर्ष बढ़त दर्ज की और पिछले एक दशक में कुल 226 फीसदी का रिटर्न दिया है।
बिजनेस डेस्कः बीएसई का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स ने साल 2025 का अंत 7,082 अंकों यानी 9.1 फीसदी की बढ़त के साथ 85,221 के स्तर पर किया। इसके साथ ही सेंसेक्स ने लगातार दसवां कैलेंडर वर्ष बढ़त दर्ज की और पिछले एक दशक में कुल 226 फीसदी का रिटर्न दिया है।
साल 2025 के दौरान सेंसेक्स ने 86,159 का ऑल टाइम हाई छुआ, जो साल के निचले स्तर 71,425 से 20.6 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, इस वर्ष बाजार में उतार-चढ़ाव और शुद्ध लाभ पिछले दस वर्षों के औसत से कम रहा। बीते दशक में औसत वोलैटिलिटी 31.4 फीसदी और औसत रिटर्न 12.8 फीसदी रहा है।
मौजूदा स्तर पर सेंसेक्स अपने मनोवैज्ञानिक 1,00,000 के लक्ष्य से 14,779 अंक या 17.3 फीसदी पीछे है। ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस वर्षों में सेंसेक्स तीन बार 18.7 फीसदी से ज्यादा और पांच बार 14 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज कर चुका है।
क्या 2026 में सेंसेक्स 1,00,000 के पार जाएगा?
जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि 2026 में सेंसेक्स का 1,00,000 के स्तर तक पहुंचना संभव है, बशर्ते आर्थिक चक्र में तेजी आए और कॉर्पोरेट आय मजबूत बनी रहे।
हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “2025 का प्रदर्शन 10–15 फीसदी रिटर्न की उम्मीदों के अनुरूप रहा। अगर आय में चक्रीय सुधार आता है, तो सेंसेक्स यहां से फिर 10–15 फीसदी चढ़ सकता है, जिससे यह मेरे लॉन्ग टर्म टारगेट 1,00,000 के करीब पहुंच जाएगा।”
ब्रोकरेज हाउस क्या कहते हैं?
मॉर्गन स्टैनली के मुताबिक, बुल-केस परिदृश्य में दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 1,07,000 तक पहुंच सकता है। हालांकि, उनका बेस-केस अनुमान दिसंबर 2026 के लिए 95,000 का है, जिसकी वे 50 फीसदी संभावना मानते हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार का भी मानना है कि बुल मार्केट की स्थिति में सेंसेक्स 2026 में 1,00,000 का स्तर पार कर सकता है।
उनके अनुसार, यह मुख्य रूप से दो कारकों पर निर्भर करेगा—वैश्विक स्तर पर एआई ट्रेड का कमजोर होना और भारत में कॉर्पोरेट आय में निरंतर वृद्धि। उनका मानना है कि इससे 2025 में देखी गई एफआईआई की बिकवाली थमेगी, रुपया मजबूत होगा और विदेशी निवेशकों की वापसी संभव होगी।
विजयकुमार ने कहा, “भारत इस समय ‘गोल्डीलॉक्स’ स्थिति में है, जहां मजबूत आर्थिक विकास, फाइनेंशियल कंसोलिडेशन और नियंत्रित महंगाई एक साथ मौजूद हैं। सुधार तेज गति से हो रहे हैं और 2026 का बजट आर्थिक रफ्तार को और तेज कर सकता है। कॉर्पोरेट आय में तीसरी तिमाही से सुधार की उम्मीद है।”
चार्ट क्या संकेत दे रहे हैं?
टेक्निकल चार्ट के मुताबिक, सेंसेक्स फिलहाल अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के आसपास कारोबार कर रहा है। 20-दिन का मूविंग एवरेज 85,016 और 50-दिन का मूविंग एवरेज 84,770 के स्तर पर है।
सेंसेक्स सुपरट्रेंड इंडिकेटर के ऊपर मजबूती से बना हुआ है, जो फिलहाल 83,944 के स्तर पर है। सुपरट्रेंड लाइन के ऊपर ट्रेड करना बाजार में सकारात्मक ट्रेंड का संकेत माना जाता है। इसके अलावा, सेंसेक्स अपने लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेस से भी काफी ऊपर है। 100-डीएमए और 200-डीएमए क्रमशः 83,086 और 81,700 के स्तर पर हैं।
फिबोनाच्ची कैलकुलेशन के अनुसार, 2026 में सेंसेक्स व्यापक तौर पर 76,115 से 94,325 के दायरे में कारोबार कर सकता है। ऊपर की ओर 38.2 फीसदी और 50 फीसदी रिट्रेसमेंट स्तर क्रमशः 90,850 और 92,600 हैं, जबकि नीचे की ओर ये स्तर 79,600 और 77,850 के आसपास हैं।