Edited By Sarita Thapa,Updated: 15 Apr, 2026 11:46 AM

वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के धार्मिक रिति-रिवाजों से जुड़ें संबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बहुत सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा अगली पेशी न हो जाने तक बांके बिहारी मंदिर के रीति-रिवाजों से संबंध मौजूदा व्यवस्था में किसी भी...
Banke Bihari Temple News : वृंदावन के प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के धार्मिक रिति-रिवाजों से जुड़ें संबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बहुत सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा अगली पेशी न हो जाने तक बांके बिहारी मंदिर के रीति-रिवाजों से संबंध मौजूदा व्यवस्था में किसी भी तरह का कोई बदलाब नहीं होगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने वरिष्ठ वकील श्याम दीवान और वकील तन्वी दुबे की दलीलों पर ध्यान दिया और निर्देश दिया कि ये मामला दो हफ्तों के लिए टाल दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ आदेश दिया है कि अगले किसी भी फैसले से पहले मंदिर में जो व्यवस्थाएं चल रही हैं, वे वैसी ही बनी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी। कोर्ट ने सभी पक्षों को हाल ही में दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट अध्ययन करने और उस पर अपना जवाब देने के लिए समय दिया है।
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क्या है बांके बिहारी मंदिर का पूरा मामला
यह मामला मंदिर की प्रबंध समिति और सेवतायों द्वारा दायर याचिका के बाद चर्चा में आया। उन्होंने अदालत द्वारा गठित हाई-पावर कमेटी के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई थी। बांके बिहारी मंदिर में सेवा कर रहे सेवायतों का मानना है मंदिर में भक्तों के दर्शन का समय गर्मी और सर्दी दोनों ऋतुओं की प्राचीन परंपराओं में निधारित है, जिसमें किसी भी तरह का कोई बदलाव करना सही नहीं है।
मंदिर प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन के नाम पर 'देहरी पूजा' को बंद करने के फैसले का विरोध हो रहा है। सेवायतों का कहना है कि यह सदियों पुरानी गुरु-शिष्य परंपरा का हिस्सा है। कुछ विशेष धार्मिक अनुष्ठानों जैसे फूल बंगला पर लगाए गए भारी शुल्क को लेकर भी विवाद है।
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