Edited By Sarita Thapa,Updated: 18 Mar, 2026 08:30 AM

चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं।
Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस बार यात्रा को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा - बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस साल कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और मंदिरों की आध्यात्मिक मर्यादा को बनाए रखना है।
यात्रा के सुचारू संचालन के लिए एक SOP तैयार की जा रही है। इसमें Registration से लेकर दर्शन के समय तक की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होगी। बिना पंजीकरण के किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिरों की पवित्रता और सुरक्षा को देखते हुए, गर्भगृह और मंदिर परिसर के भीतर फोटो खींचने या वीडियो बनाने पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। पकड़े जाने पर फोन जब्त करने के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में अक्सर व्यवस्था बिगड़ती है। इस बार परिसर में रील बनाने या प्रोफेशनल कैमरे ले जाने पर सख्ती बरती जाएगी। मंदिर प्रबंधन ने विभिन्न विशेष पूजाओं के Charges में बढ़ोतरी की है। यह निर्णय व्यवस्थाओं के रखरखाव और सुविधाओं के विस्तार के लिए लिया गया है। श्रद्धालुओं को अब विशेष अभिषेक या अन्य व्यक्तिगत पूजाओं के लिए संशोधित दरों का भुगतान करना होगा। भीड़ के दबाव को कम करने के लिए दर्शन के विशेष स्लॉट तय किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में घंटों इंतजार न करना पड़े।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष सलाह
यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपना पंजीकरण जरूर कराएं और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन करने से न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि सभी को दर्शन का उचित अवसर भी मिलेगा।
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