Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों का अंतिम दौर, केदारनाथ पहुंची प्रशासनिक टीम ने लिया जायजा

Edited By Updated: 01 Apr, 2026 08:32 AM

char dham yatra 2026

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के शुरू होने में अब महज 22 दिन का समय बाकी रह गया है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस यात्रा का विधिवत आगाज़ हो जाएगा।

Char Dham Yatra 2026 : उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के शुरू होने में अब महज 22 दिन का समय बाकी रह गया है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस यात्रा का विधिवत आगाज़ हो जाएगा। इसी क्रम में प्रशासन अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।

केदारनाथ धाम में तैयारियों की समीक्षा
चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन की एक विशेष टीम हाल ही में केदारनाथ धाम पहुंची। टीम ने वहां पैदल मार्ग, यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, बिजली-पानी की आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बार भारी बर्फबारी के बाद रास्तों को सुचारू बनाने और यात्रियों के लिए सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने पर है।

22 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदार के कपाट
तय कार्यक्रम के अनुसार, केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। प्रशासन की टीम ने पैदल मार्ग पर मौजूद संवेदनशील स्थानों और ग्लेशियरों का भी जायजा लिया ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा या बाधा से निपटा जा सके।

चारधाम यात्रा 2026 का शेड्यूल
भक्तों की सुविधा के लिए चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां इस प्रकार हैं:

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया)

केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026

बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026

रजिस्ट्रेशन और सुविधाएं
राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम का अपडेट लेकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग भी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जा रही है।

प्रशासन की प्राथमिकताएं
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, प्रशासन की टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि पैदल मार्ग पर पर्याप्त पेयजल और शौचालयों की व्यवस्था हो।

यात्रियों के लिए आपातकालीन Medical Centers सक्रिय रहें।

संचार नेटवर्क और बिजली की सुचारू आपूर्ति बनी रहे।

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